हैदराबाद में एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस के एक चालक ने मंगलवार को ट्रैफिक क्लीयरेंस पाने के लिए एंबुलेंस सायरन का दुरुपयोग किया और नाश्ता करने के लिए सड़क किनारे एक भोजनालय में रुक गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी जिसने एंबुलेंस को ट्रैफिक क्लीयरेंस दी, उसने पाया कि वह अस्पताल जाने के बजाय सड़क किनारे एक भोजनालय के पास रुक गई थी।
पुलिस ने कहा कि इसके बाद, मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए ड्राइवर के खिलाफ 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस उपायुक्त (यातायात-I) राहुल हेगड़े ने मीडिया को बताया कि यह एक गैर-आपातकालीन स्थिति थी और एंबुलेंस चालक को सायरन का उपयोग नहीं करना चाहिए था। यदि यह आपातकालीन स्थिति थी, तो उन्हें अस्पताल जाना चाहिए था...वे नहीं गए और सड़क किनारे भोजनालय में खाना खाते पाए गए। उसने केवल ट्रैफिक क्लीयरेंस पाने के लिए वे सायरन बजाया।
डीसीपी ने आगे कहा, हम दुरुपयोग के संबंध में अस्पताल को भी सूचित करेंगे। यदि बार-बार उल्लंघन या गंभीर उल्लंघन पाया जाता है, तो हम ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेंगे। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अंजनी कुमार ने मंगलवार को सायरन के दुरुपयोग का हवाला देते हुए ट्विटर पर वीडियो पोस्ट किया और आग्रह किया कि एंबुलेंस सेवाओं का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाए।
डीजीपी ने ट्वीट किया, तेलंगाना पुलिस एंबुलेंस सेवाओं के जिम्मेदार उपयोग का आग्रह करती है... वास्तविक आपात स्थिति में तेज और सुरक्षित मार्ग के लिए सायरन सक्रिय करने की आवश्यकता होती है। दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सलाह दी जाती है। साथ मिलकर, हम आपातकालीन प्रतिक्रिया और सामुदायिक सुरक्षा बढ़ा सकते हैं।