महामारी के बाद कार्यालयों में काम का हाइब्रिड मॉडल अब भी जारी है। एक रिपोर्ट ने दावा किया गया है कि 78 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी दफ्तर आना पसंद कर रहे हैं। हर 10 में से 8 कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें दफ्तर आना सामाजिक होने और सहकर्मियों के साथ बॉन्डिंग बढ़ाने का अवसर लगता है।
डेस्क बॉम्बिंग...90 के दशक वालों को पसंद
डेस्क-बॉम्बिंग यानी अपने सहकर्मी की डेस्क पर अचानक जाना और बातें करना। 62 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि वे डेस्क बॉम्बिंग पसंद करते हैं। कोई सहकर्मी बिना बताए उनकी डेस्क पर आए तो यह बातचीत शुरू करने का शानदार तरीका है। कार्यालयों में इस चलन ने तेजी पकड़ी।
लाउड लीविंग... काम व जीवन का संतुलन
यानी जब मैनेजर काम से चला जाए। 60 प्रतिशत कर्मचारियों ने बताया कि ऐसा होने पर उन्हें संकेत मिलता है कि अब उन्हें भी काम बंद करना चाहिए। इसके जरिए कर्मचारी अपने काम व जीवन की अन्य प्राथमिकताओं में संतुलन लाते हैं। इसमें मैनेजर नये-नये जरियों से उनकी मदद कर रहे हैं।
चाय ब्रेक...सिर्फ चाय नहीं हंसी-मजाक के भी पल
72 प्रतिशत कर्मचारियों के अनुसार घर से काम के दौरान वे ऑफिस के चाय-ब्रेक मिस करते रहे हैं। बताया, चाय ब्रेक में केवल चाय नहीं पी जाती, सहकर्मियों के साथ हंसी-मजाक भी खूब होते हैं। अपने व उनके काम व निजी जीवन को लेकर बातें की जाती है।