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बदला माहौल: दफ्तर आना पसंद कर रहे 78 फीसदी भारतीय कर्मचारी, 10 में से 8 इसे बॉन्डिंग बढ़ाने का मान रहे अवसर

Fri, 24 Mar 2023 06:33 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, मुंबई।

सार

रिपोर्ट के अनुसार आमतौर पर ऑफिस आना पसंद करने वाले कर्मचारी इसमें कई फायदे देखते हैं। इसे लेकर लिंक्डइन ने सर्वे करते हुए देश के करीब एक हजार कर्मचारियों से राय ली। 86 प्रतिशत ने जवाब दिया कि वे पिछले साल की तुलना में दफ्तर जाने पर ज्यादा सकारात्मक महसूस कर रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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महामारी के बाद कार्यालयों में काम का हाइब्रिड मॉडल अब भी जारी है। एक रिपोर्ट ने दावा किया गया है कि 78 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी दफ्तर आना पसंद कर रहे हैं। हर 10 में से 8 कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें दफ्तर आना सामाजिक होने और सहकर्मियों के साथ बॉन्डिंग बढ़ाने का अवसर लगता है।

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रिपोर्ट के अनुसार आमतौर पर ऑफिस आना पसंद करने वाले कर्मचारी इसमें कई फायदे देखते हैं। इसे लेकर लिंक्डइन ने सर्वे करते हुए देश के करीब एक हजार कर्मचारियों से राय ली। 86 प्रतिशत ने जवाब दिया कि वे पिछले साल की तुलना में दफ्तर जाने पर ज्यादा सकारात्मक महसूस कर रहे हैं। 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के बीच 28 फरवरी से 6 मार्च 2023 को यह सर्वे हुआ था।

दफ्तर में न दिखने का कॅरिअर पर असर
अक्सर सवाल उठता है कि हाइब्रिड मॉडल में काम करने और दफ्तर में कम समय नजर आने का क्या कॅरिअर पर असर पड़ेगा? सर्वे में 63 प्रतिशत कर्मचारियों ने जवाब दिया कि घर से काम करने का उन्हें कॅरिअर पर नुकसान नजर नहीं आता। हालांकि एक बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने माना कि अगर वे ऑफिस ज्यादा न जाएं तो कॅरिअर में आगे बढ़ने के मौके कम हो सकते हैं।
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71 फीसदी इसलिए घर से ज्यादा काम कर रहे
दफ्तर में कम नजर आने की भरपाई के लिए 71 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा वे घर से काम को ज्यादा समय देकर भरपाई कर रहे हैं। ऐसा करके दिखा रहे हैं कि वे अपने काम के प्रति ज्यादा गंभीर हैं।

क्यों आना चाहते हैं ऑफिस

  • 43 फीसदी सामाजिक होने और बातचीत करने के लिए।
  • 41फीसदी सहकर्मियों से ज्यादा कार्यकुशल और आमने-सामने की बैठक करने के लिए।
  • इसके मायने : कर्मचारी दफ्तर आकर ज्यादा सामाजिक होना और टीम का हिस्सा बनना पसंद कर रहे हैं। उन्हें दफ्तर आने का मोल समझ आ रहा है।


डेस्क बॉम्बिंग...90 के दशक वालों को पसंद
डेस्क-बॉम्बिंग यानी अपने सहकर्मी की डेस्क पर अचानक जाना और बातें करना। 62 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि वे डेस्क बॉम्बिंग पसंद करते हैं। कोई सहकर्मी बिना बताए उनकी डेस्क पर आए तो यह बातचीत शुरू करने का शानदार तरीका है। कार्यालयों में इस चलन ने तेजी पकड़ी।

लाउड लीविंग... काम व जीवन का संतुलन
यानी जब मैनेजर काम से चला जाए। 60 प्रतिशत कर्मचारियों ने बताया कि ऐसा होने पर उन्हें संकेत मिलता है कि अब उन्हें भी काम बंद करना चाहिए। इसके जरिए कर्मचारी अपने काम व जीवन की अन्य प्राथमिकताओं में संतुलन लाते हैं। इसमें मैनेजर नये-नये जरियों से उनकी मदद कर रहे हैं।

चाय ब्रेक...सिर्फ चाय नहीं हंसी-मजाक के भी पल  
72 प्रतिशत कर्मचारियों के अनुसार घर से काम के दौरान वे ऑफिस के चाय-ब्रेक मिस करते रहे हैं। बताया, चाय ब्रेक में केवल चाय नहीं पी जाती, सहकर्मियों के साथ हंसी-मजाक भी खूब होते हैं। अपने व उनके काम व निजी जीवन को लेकर बातें की जाती है।

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