सपना ने कहा कि अगर कोई काम अधूरा रह जाए तो उसके लिए उसे लिखित में स्पष्टीकरण देना पड़ता था। काम के अधूरा रह जाने पर वह मारपीट करता था। पति के यह जुल्म सिर्फ सपना को ही नहीं बल्कि उसकी छह साल की बेटी को भी झेलने पड़ते थे। आयुष अपनी बेटी के साथ भी मारपीट करता था।
लंबी लिस्ट से करता था अप्रूव
रोज सुबह पत्नी एक लिस्ट अपने पति को देती थी जिसमें नाश्ते के बहुत से विकल्प होते थे। उनमें से कोई एक डिश पति
अप्रूव करता था, जिसके बाद घर में वही नाशता बनता था। इसी तरह घर के बाकी सामानों की लिस्ट भी पति ही अप्रूव करता था, कि घर में कौन सा सामान आएगा और कौन सा नहीं। पत्नी बाजार से जो भी सामान खरीदकर लाती, उसकी लिस्ट उसे पति को देनी पड़ती थी।
जिसमें हर सामान के साथ उसके दाम लिखे होते थे। साथ ही अगर खाना बनाते समय ज्यादा तेल, घी या आटे का इस्तेमाल हो जाए तो भी उसे पति को हिसाब देना पड़ता था। हालांकि सपना अक्तूबर 2017 से अपने पति से अलग रह रही है। उसकी तलाक की अर्जी पर अप्रैल में सुनवाई होनी है।
नया नहीं है यह मामला
यह मामला नया नहीं है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली के जहांगीरपुरी से भी आया था, जिसमें पति ने
गोल रोटी ना बना पाने के कारण 22 वर्षीय गर्भवती पत्नी की हत्या कर दी थी। पत्नी के भाई ने पुलिस को बताया था कि वह अपने कमरे में बेहोश मिली और उसकी चार साल की बेटी को पति ने दूसरे कमरे बंद कर दिया था। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चार साल की बेटी ने अपनी मां की
हत्या की कहानी पुलिस को बताई थी, बेटी ने कहा था कि उसकी मां बहुत अच्छा खाना बनाती थी लेकिन वह गोल रोटी नहीं बना पाती थी। जिस कारण उसके पिता उसकी मां पर गुस्सा करते थे। गुस्से में पति ने अपनी चार महीने की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारी। जब बेटी ने उसे बचाने की कोशिश की तो उसे जबरन दूसरे कमरे में बंद कर दिया गया था। हालांकि पुलिस ने बाद में पति को गिफ्तार कर लिया था।