Human Trafficking: एनएफआर के मुख्य प्रवक्ता सब्यसाची डे ने बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2022 की अवधि के दौरान बचाए गए लोगों में 686 नाबालिग बच्चे और 39 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बचाए गए बच्चों को चाइल्डलाइन, गैर सरकारी संगठनों या उनके माता-पिता को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक 720 से अधिक बच्चों और महिलाओं को बचाया है। इस दौरान आरपीएफ ने 10 मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया। एनएफआर के मुख्य प्रवक्ता सब्यसाची डे ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2022 की अवधि के दौरान बचाए गए लोगों में 686 नाबालिग बच्चे और 39 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बचाए गए बच्चों को चाइल्डलाइन, गैर सरकारी संगठनों या उनके माता-पिता को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया।
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डे ने कहा कि बीते शुक्रवार को आरपीएफ ने अभियान चलाकर अलग-अलग स्टेशनों से चार नाबालिगों को छुड़ाया। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी की आरपीएफ और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच की टीम द्वारा नियमित संयुक्त जांच के दौरान एक नाबालिग लड़की को कामाख्या रेलवे स्टेशन से बचाया गया। बाद में उसे गुवाहाटी रेलवे चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया।
मानव तस्करी के खिलाफ 'मेरी सहेली' पहल
उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में, आरपीएफ ने लुमडिंग रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान एक अन्य लड़की और दो लड़कों को बचाया। शिनाख्त के बाद आरपीएफ ने मामले की जानकारी उनके माता-पिता को दी। बचाए गए नाबालिगों को जांच पड़ताल के बाद उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि एनएफआर ने मानव तस्करी को रोकने के लिए मेरी सहेली पहल का गठन किया गया है। यह ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों में जागरुकता पैदा करने के लिए चौबीसों घंटे कार्य करती है और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करती है।