केरल में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा का आज दूसरा दिन है। इस पद यात्रा में शामिल होने के लिए आज भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। पार्टी नेता राहुल गांधी ने सुबह वेल्लायानी जंक्शन से पदयात्रा शुरू की। लोग गांधी की अगुवाई में शुरू हुई इस यात्रा को देखने के लिए भी सड़क के दोनों ओर एकत्र हुए।
बता दें कि इससे पहले रविवार को नेमोम में पहले दिन की यात्रा समाप्त होने पर गांधी ने कहा कि केरल सभी का सम्मान करता है और खुद को कभी विभाजित नहीं होने देता और न ही नफरत फैलने देता है। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा एक प्रकार से इन्ही विचारों का विस्तार है। उन्होंने कहा कि एकजुट रहना तथा सौहार्द के साथ मिल कर काम करना केरल के लोगों के लिए स्वाभाविक और सामान्य बात है और उन्होंने देश को यह दिखाया है।
माकपा ने कांग्रेस को घेरा
इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की आलोचना की। पार्टी ने सोमवार को कहा कि इस यात्रा के तहत उसके शासन वाले केरल में 18 दिन बिताना और भाजपा के शासन वाले उत्तर प्रदेश में दो दिन बिताना भाजपा व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लड़ने का अजीबो-गरीब तरीका है। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि माकपा केरल में भाजपा की ‘ए टीम’ है।
19 दिनों में 450 किमी की करेंगे यात्रा
जानकारी के मुताबिक, केरल में प्रवेश करने के बाद राहुल गांधी 19 दिनों की अवधि में 450 किमी की यात्रा करके मलप्पुरम के नीलांबुर तक जाएंगे। यह यात्रा 14 सितंबर को कोल्लम जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद 17 सितंबर को अलाप्पुझा पहुंचेगी और 21-22 सितंबर को एर्नाकुलम जिले से होते हुए 23 सितंबर को त्रिशूर पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा के अन्य पड़ाव होंगे।
3570 किलोमीटर की तय होगी दूरी
कन्याकुमारी से कश्मीर तक की इस यात्रा में कांग्रेस नेता 3570 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। पार्टी ने राहुल समेत 119 नेताओं को "भारत यात्री" नाम दिया है जो कन्याकुमारी से पदयात्रा करते हुए कश्मीर तक जाएंगे। 19 सितंबर को प्रियंका गांधी के भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने की संभावना है।
महंगाई पर सरकार को कांग्रेस ने घेरा
कांग्रेस ने महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर फिर निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता प्रो गौरव वल्लभ ने कहा कि रियल जीडीपी बढ़ नहीं रही और दूसरी जीडीपी यानी गैस-डीजल-पेट्रोल की कीमतें कम नहीं हो रही हैं। वल्लभ ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें हमारे देश में निर्धारित होती हैं चुनावी तारीख से। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी कीमतों से कोई फर्क नहीं पड़ता।