बयान में कहा गया है, 'तलाशी के दौरान बीएसएफ कर्मियों को जिले के कालीमेला पुलिस क्षेत्र के तहत आमापदर-एलकानूर गांव और बोडिलुगुडा-ब्रुंडामडी अक्ष के पास आरक्षित वन में माओवादियों का एक जखीरा मिला।' इसमें कहा गया है कि जब्त किए गए हथियारों और गोला बारूद में एक 303 राइफल, 11 बैरल (एसबीएमएल), 303 राइफल की एक मैगजीन, 15 इम्पेरोवाइज्ड हैंड ग्रेनेड, तीन देशी बंदूकें, दो 51 एमएम मोर्टार बम, एक गैस वेल्डिंग मशीन, 42 जिंदा कारतूस, एक देशी निर्मित रॉकेट लॉन्चर, दो ब्रेन 303 एलएमजी स्पेयर बैरल, 29 जिलेटिन की छड़ें, एल्यूमिनियम नाइट्रेट के पांच पैकेट, 30 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और नौ सिंथेटिक कमर बेल्ट शामिल हैं।
बीएसएफ दक्षिण ओडिशा के माओवाद प्रभावित मलकानगिरी और कोरापुट जिलों में अभियान चला रही है। इसमें कहा गया है कि इस तरह की बरामदगी से निश्चित तौर पर माओवादी रणनीति को झटका लगेगा और सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते प्रभुत्व का मुकाबला करने का उनका उत्साह कम होगा।
बयान में कहा गया है कि पहले यह इलाका माओवादियों और उनसे सहानुभूति रखने वालों से काफी प्रभावित हुआ करता था। माओवादी संगठन आईईडी बनाने की सामग्री और गोला-बारूद को अलग-थलग और एकांत स्थानों पर रखते थे, जिनका इस्तेमाल इन क्षेत्रों में सक्रिय सुरक्षा बलों के खिलाफ किया जाता था। हालांकि, बीएसएफ मलकानगिरी जिले में सक्रिय रूप से काम कर रही है और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हावी है। बीएसएफ ने कहा कि बरामदगी के मद्देनजर इलाके को सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए आगे तलाशी अभियान जारी रहेगा।