देशभर में उच्च शिक्षा में प्रवेश दाखिले की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटरों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों पर केंद्र सरकार भी चिंतित है। कोचिंग सेंटर के चलते छात्रों और अभिभावकों को होने वाली परेशानियों का हल निकालने के लिए अब सरकार ने कॉरपोरेट अफेयर से रायी मांगी है। इसके अलावा कोचिंग सेंटरों पर सख्ती बरतने का भी अनुरोध किया है।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के मुताबिक, कोचिंग सेंटर सीधे-सीधे मंत्रालय के अधीन नहीं आते हैं, बल्कि राज्य सरकार के अधीन होते हैं। इसलिए सरकार सीधे-सीधे कोचिंग सेंटर पर कोई अंकुश नहीं लगा सकती हैं। इसी परेशानी का हल निकालने के लिए कॉरपोरेट अफेयर के सेक्रेटरी और रैवन्यू में एडिशनल सेक्रेटरी के साथ बैठक की गई। कोचिंग सेंटर प्रबंधन पेरेंट्स पर दबाव बनाते हैं कि वे फीस नकद खातों में डालें।
कोंचिंग सेंटर की इन अनियमितताओं को रोकने के लिए उक्त सेक्रेटरी को सख्ती बरतनें की भी अपील की है। क्योंकि उक्त संस्थाएं एनजीओ, कंपनी अफेयर या लिमिटेड कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड होती हैं। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि कोचिंग सेंटर पर सख्ती के अलावा मंत्रालय 12वीं कक्षा और उसके बाद प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता वरिष्ठ प्रोफेसर से भी मदद ले रहा है।