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कैसे लगेगी फर्जी कॉल्स पर लगाम, 18 अगस्त को हाईकोर्ट को बताएगा ट्राई

Tue, 28 Jul 2020 04:57 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • फर्जी प्रमोशन कॉल्स से लोगों की परेशानी देख टेमा ने की अपील
  • उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए जल्द लगे फर्जी कॉल्स पर लगाम
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TRAI - फोटो : File Photo
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विस्तार
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राहुल अपने एक परिजन की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार की क्रिया में भाग लेने श्मशान घाट पर आये हुए हैं। अंतिम संस्कार की क्रिया चल ही रही है कि इसी बीच उनके मोबाइल फोन की घंटी बजती है। अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार का फोन होने की उम्मीद में वे कॉल उठाते हैं और उधर से एक लड़की की आवाज आती है- हैलो सर, मैं फलां कंपनी से संजना बोल रही हूं। क्या आप पर्सनल लोन लेना चाहेंगे?
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सोचिए कि ऐसे संवेदनशील समय में इस तरह की कॉल आने पर राहुल पर क्या बीती होगी? यह कहानी झूठी है, लेकिन हम सब इस तरह की अनचाही कॉल्स से परेशान हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) 18 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में बताएगी कि इस तरह की फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए वह क्या कर रही है। 


दरअसल, इस तरह की कॉल्स से देश ही नहीं दुनिया भर के फोन उपभोक्ता परेशान हैं। कई देशों में इन्हें रोकने के लिए कानून बन चुके हैं, और वहां पर अब इस तरह के कॉल नहीं आते। भारत में भी ट्राई ने इन बेलगाम कॉल्स और मैसेजेज पर प्रतिबंध लगाने के लिए काम किया है, इसके लिए 2016 में उपभोक्ताओं को ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ नंबर पर स्वयं को रजिस्टर करने की सुविधा दी गई थी, लेकिन सच्चाई यह है कि इसके बाद भी अभी तक इस तरह की कॉल्स से लोगों को आजादी नहीं मिली है।

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लेकिन ट्राई अब इस तरह के कॉल्स और संदेशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है। उसने इसके विषय में टेलिकॉम कंपनियों से सलाह भी मांगी है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्दी ही आपको इस तरह की कॉल्स से आजादी मिल सकती है।

हाल ही में पेटीएम कंपनी ने भी इस तरह की कॉल्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। टेलिकॉम इक्विपमेंट मैनूफैक्चरिंग एसोसिएशन (टेमा) के अध्यक्ष रवि शर्मा ने कहा कि अगर ट्राई और टेलीफोन ऑपरेटर कंपनियां सही दिशा में काम करें तो उपभोक्ताओं को इससे आजादी मिल सकती है।

इससे उपभोक्ताओं के पास लोन, बैंक, बीमा सहित तमान अनचाही कॉल्स आनी बंद हो जाएंगी। इससे सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को कुछ नुकसान हो सकता है, लेकिन यह उपभोक्ता को बड़ी राहत होगी।

उन्होंने कहा कि इसी तरह की फर्जी फोन कॉल्स के जरिए लोगों को परेशान किया जाता है और  फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लोगों से ठगी को अंजाम दिया जाता है। अगर सरकार इन कॉल्स को रोकने के लिए आवश्यक कानून बनाती है, तो इससे करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

इससे लाखों उपभोक्ताओं के साथ होने वाली उस ठगी को भी रोका जा सकेगा जो इसी तरह के कॉल्स के जरिये अंजाम दी जाती है।

एमरिटस (EMERITUS) के चेयरमैन एनके गोयल ने कहा कि हाईकोर्ट में इसे लेकर एक वाद भी चल रहा है। ट्राई को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी है। अगर ट्राई आपत्तिजनक फोन कॉल्स को लेकर कोई ठोस समाधान पेश कर पाता है तो इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की जा सकेगी।

हजारों की नौकरी पर भी पड़ेगा असर

दरअसल, इसी मामले का एक पहलू यह भी है कि कॉल सेंटर्स के जरिए विभिन्न कंपनियां अपना प्रचार भी करती हैं और इसी के जरिए अपने ग्राहकों की तलाश भी करती हैं। इस क्षेत्र में भारी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलता है। अगर ट्राई इस तरह के व्यापार पर प्रतिबन्ध लगाता है तो इससे लाखों युवाओं की नौकरी को भी खतरा हो सकता है।

फर्जी कॉल्स से होता है फ्रॉड

अगर इस तरह की अनचाही कॉल्स पर रोक लगाई जाती है, तो इससे उन लोगों को भी बचाया जा सकेगा जो फर्जी कॉल के चक्कर में आकर अपनी गाढ़ी कमाई की पूंजी लुटा बैठते हैं। दरअसल, इसी तरह की कॉल्स से लोगों से ईनाम में भारी राशि जीतने के नाम पर रकम ऐंठ ली जाती है तो कभी किसी बीमा कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी की जाती है। इन अपराध के मामलों को देखते हुए इस तरह की कॉल्स को रोकने की मांग हर तरफ से उठ रही है।  

 

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