चीन में तेजी से फैल रहे कोरोनावायरस को लेकर आयुष मंत्रालय ने बुधवार को एक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है और सिफारिश की कि होम्योपैथिक और यूनानी दवाएं कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम में प्रभावी हो सकती हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड की मंगलवार को हुई एक बैठक के बाद यह परामर्श जारी किया गया है।
बैठक में होम्योपैथी के माध्यम से संक्रमण की रोकथाम के तरीकों और उपायों पर चर्चा की गई। मंत्रालय ने यह सिफारिश की है कि संक्रमण के खिलाफ रोगनिरोधी दवा के रूप में होम्योपैथिक दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 को रोजाना तीन दिनों तक खाली पेट लिया जा सकता है। परामर्श में कहा गया है कि अगर कोरोनावायरस संक्रमण फिर भी रहता है, तो इसी खुराक को एक महीने के बाद दोहराया जाना चाहिए।
उसमें कहा गया कि इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए भी इस दवा को ली जा सकती है। परामर्श में आयुर्वेदिक दवाओं, यूनानी काढ़ा और घरेलू उपचारों का भी सुझाव दिया गया है, जो वायरस के संक्रमणों के लक्षणात्मक इलाज में उपयोगी हो सकते हैं।
उसमें यह सलाह दी गई है कि वायु जनित संक्रमणों की रोकथाम के लिए सामान्य स्वच्छता उपाय व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, हाथों को अक्सर साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोना, आंखों, नाक और मुंह को अनधुले हाथों से न छूना और बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना हैं।
मंत्रालय ने खांसने या छींकने के दौरान चेहरे को ढंकने और यात्रा के दौरान या सार्वजनिक स्थानों पर काम करते समय एन95 मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। कोरोनावायरस की वजह से चीन में अब तक 132 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 6,000 मामले सामने आ चुके हैं।