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विजय माल्या को लाया जाएगा भारत, ब्रिटिश सरकार ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी

Tue, 05 Feb 2019 03:02 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बैंकों का करोड़ों रुपये लेकर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की एक और बाधा खत्म हो गई है। ब्रिटेन की सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के लिए उनसे पास 14 दिन का समय है। अगस्ता वेस्टलैंड के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल और अन्य के प्रत्यर्पण के बाद इसे मोदी सरकार की एक और बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

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ब्रिटेन के गृह विभाग के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि गृह मंत्री साजिद जावीद ने सभी संबंधित मामलों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद 3 फरवरी को विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण के आदेश पर हस्ताक्षर किए। प्रवक्ता ने कहा कि माल्या भारत में बैंकों से धोखाधड़ी करने की साजिश, झूठे अभ्यावेदन देने और मनी लॉन्ड्रिंग अपराध के आरोपी हैं। जावीद पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं।

लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत ने 10 दिसंबर 2018 को माल्या के भारत प्रत्यर्पण को स्वीकृति दे दी थी। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा था कि वह भारत सरकार की ओर से दिए गए विभिन्न आश्वासनों से पूरी तरह से संतुष्ट है। इन आश्वासनों में जेल की एक सेल का वीडियो भी शामिल था। कोर्ट के फैसले को प्रत्यर्पण संधि प्रक्रिया के तहत गृह मंत्री के पास भेजा गया था, क्योंकि माल्या के प्रत्यर्पण आदेश को जारी करने का अधिकार उनके पास ही था। माल्या अप्रैल 2017 में स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा प्रत्यर्पण वारंट को अमल लाए जाने के बाद से जमानत पर है। 9000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी माल्या इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताता रहा है।  

फैसले के खिलाफ करूंगा अपील : माल्या

10 दिसंबर 2018 के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के फैसले के बाद ही मैंने अपील की बात कही थी लेकिन गृह मंत्री के पास फैसले के होने के चलते मैं अपील की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता था। अब फैसला आ गया है तो मैं अपील की प्रक्रिया शुरू करूंगा। - विजय माल्या, भगोड़ा शराब कारोबारी 

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देश का पहला आर्थिक भगोड़ा घोषित हुआ था

माल्या को पीएमएलए कोर्ट ने पिछले दिनों ही भगोड़ा घोषित किया था। साथ ही नए एफईओ कानून के तहत भी वह देश का पहला आर्थिक भगोड़ा करार दिया गया था।  

बदले-बदले से थे सुर

अपने प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलने की आशंका माल्या को शायद पहले ही हो गई थी। इसलिए उसने एक फरवरी को ट्वीट कर कहा था कि हर सुबह जब उठता हूं तब पता चलता है कि लोन वसूली अधिकारी ने एक और संपत्ति जब्त कर ली है। जब्त संपत्तियों की कीमत 13,000 करोड़ रुपया पार कर चुकी है जबकि कुल ब्याज समेत बैंकों का दावा 9000 करोड़ रुपये का है। आखिर यह सिलसिला कहां तक जाएगा।  

माल्या पर बैंकों का इतना कर्ज

माल्या पर विभिन्न बैंकों का लगभग 9400 करोड़ रुपये कर्ज है। उसके खिलाफ 17 बैंकों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रही हैं। 

भारत ने किया स्वागत, कहा-कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी हो 

भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी देने के ब्रिटिश सरकार के आदेश का स्वागत किया है। एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने कहा कि हमें ब्रिटिश गृह मंत्री के आदेश का पता चला है। हम माल्या के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया के जल्द पूरी होने की उम्मीद कर रहे हैं। 

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माल्या के प्रत्यर्पण की एक  और बाधा हुई पार : जेटली

अरुण जेटली - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को ब्रिटेन द्वारा मंजूरी देने को मोदी सरकार की एक और कामयाबी बताया। साथ ही उन्होंने कोलकाता में सीबीआई की कार्रवाई के खिलाफ धरना दे रही ममता बनर्जी समेत विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया कि मोदी सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए एक और बाधा पार कर ली जबकि विपक्ष शारदा घोटालेबाजों के पक्ष में एकजुट हो रहा है।
 
वहीं भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश भारत सरकार और एजेंसियों की लगातार कोशिशों का परिणाम है। यह साबित करता है मोदी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश की जनता का लूटा हुआ हर पैसा वापस आए और दोषियों को सजा दिलाई जाए। नलिन कोहली ने कहा कि मोदी सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है। 
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