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गृह मंत्रालय की चिट्ठी: राज्यों को पाबंदियां हटाने में सावधानी बरतने के निर्देश, कहा- पांच सूत्री रणनीति पर दें ध्यान

Tue, 29 Jun 2021 09:48 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गृह मंत्रालय ने राज्यों से कोविड-19 के प्रबंधन के लिए जांच, निगरानी, उपचार, टीकाकरण तथा उपयुक्त व्यवहार की पांच सूत्री रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। 
 
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गृह मंत्रालय में यौन शोषण को लेकर बैठक चल रही है - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर कोविड-19 की पाबंदियों में ढील देने की प्रक्रिया में सावधानी बरतने को कहा है। गृह मंत्रालय ने आगे लिखा कि कोविड-19 के प्रबंधन के लिए जांच, निगरानी, उपचार, टीकाकरण तथा उपयुक्त व्यवहार की पांच सूत्री रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। 

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इसके अलावा ने मंत्रालय ने राज्यों को जिलों को प्रशासनिक इकाइयों के रूप में देखते हुए संक्रमण के मामलों की दर और अस्पतालों में बिस्तरों के भरे होने की स्थिति पर नियमित नजर रखनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि अगर संक्रमण की दर तथा बिस्तरों पर मरीजों की संख्या बढ़ने का पूर्व संकेत मिलता है तो निषिद्ध क्षेत्र (कंटेंमेंट) बनाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का अनुमान लगाएं
केंद्र ने मंगलवार को राज्यों से प्रभावी कोविड-19 प्रबंधन के लिए पांच स्तरीय रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रतिबंधों में ढील देने की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक तय की जानी चाहिए। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने जुलाई महीने के लिए कोविड-19 प्रबंधन पर सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को सलाह दी। 
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इसमें कहा गया है कि राज्यों को नियमित रूप से उन जिलों की निगरानी करनी चाहिए जहां प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना वायरस के उपचाराधीन मामलों की संख्या अधिक है क्योंकि स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे और साजोसामान के उन्नयन की आवश्यकता का अनुमान लगाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेतक है, ताकि शीघ्र और त्वरित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने कोरोना वायरस के उपचाराधीन मामलों की संख्या में कमी होने के साथ ही प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया है। भल्ला ने कहा कि प्रतिबंधों में ढील देने की प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक तय की जानी चाहिए और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी सलाह के अनुरूप राज्यों द्वारा त्वरित और लक्षित कार्रवाई की जानी चाहिए।

नियमित निगरानी जरूरी
पत्र में कहा गया है कि राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को जिलों को प्रशासनिक इकाइयों के रूप में लेते हुए नियमित आधार पर मामले की सकारात्मकता और बिस्तरों की संख्या की निगरानी करनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि मामले की संक्रमण दर में बढ़ोतरी और भरे हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ने के शुरुआती संकेत को देखते हुए रोकथाम उपाय और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

गृह सचिव ने कहा कि उच्च संक्रमण दर और अधिक संख्या में भरे हुए बिस्तर वाले जिलों के लिए राज्य प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन के लिए पांच स्तरीय रणनीति यानि जांच-संक्रमितों का पता लगाने-इलाज-टीकाकरण और कोविड-उपयुक्त व्यवहार के पालन पर लगातार ध्यान देना चाहिए।

कोविड-उपयुक्त व्यवहार पर जोर
भल्ला ने कहा कि जैसा कि गृह मंत्रालय के पिछले आदेशों और सलाह में जोर दिया गया है मामलों की संख्या में किसी भी वृद्धि से बचाव के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना महत्वपूर्ण है। गृह सचिव ने कहा कि प्रतिबंधों में ढील देते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार के पालन में कोई कमी न हो।

उन्होंने कहा कि इसलिए, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप जिलों और अन्य सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करें कि वे आवश्यक उपाय करें जिसका उल्लेख स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोविड-19 के प्रबंधन के लिए 28 जून के पत्र में किया गया है।

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