गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए शुक्रवार (17 अक्तूबर) को बताया कि गृह मंत्रालय ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नेल्सन सैलो के नेतृत्व में एक गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम न्यायाधिकरण का गठन किया है। जो फैसला करेगा कि क्या नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) को उसके सभी गुटों, शाखाओं और अग्रिम संगठनों के साथ गैरकानूनी संघ घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं?
अधिसूचना में कहा गया कि एस.ओ. 4709(ई). विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (1967 का 37) की धारा 5 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्र सरकार "विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) न्यायाधिकरण" का गठन करती है, जिसमें गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नेल्सन सैलो शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य यह निर्णय करना है कि क्या नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) [एनएससीएन (के)] को उसके सभी गुटों, शाखाओं और अग्रिम संगठनों के साथ विधिविरुद्ध संघ घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं।
पांच साल के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित
इससे पहले 22 सितंबर 2025 को गृह मंत्रालय ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड – खापलांग [एनएससीएन (के)] को उसके सभी गुटों, शाखाओं और अग्रिम संगठनों को पांच साल की अवधि के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित किया था। अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा था कि यह संगठन देश की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल है। कई आपराधिक गतिविधियों में संगठन शामिल रहा है।