केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को महाराष्ट्र में सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी हवाई सर्वेक्षण किया। पड़ोसी राज्य कर्नाटक रवाना होने से पहले शाह ने महाराष्ट्र के इन बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुबह शाह को पश्चिम महाराष्ट्र में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और उठाये गए कदमों के बारे में जानकारी दी थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि हम बाढ़ राहत उपायों और विभिन्न राहत टीमों के बीच समन्वय को लेकर प्रतिदिन एक दस्तावेज केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज रहे हैं। विभिन्न बांधों से पानी छोड़े जाने और कोल्हापुर और सांगली जिलों में भारी वर्षा के चलते यह भयंकर बाढ़ आई है। पुणे, सतारा और सोलापुर जिले भी बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ के चलते मरने वालों की संख्या 40 हो गई है। सबसे अधिक प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों से कुल 3.78 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
महाराष्ट्र के बाद शाह ने कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित इलाकों का भी हवाई सर्वेक्षण किया। राज्य में बाढ़ के चलते 31 लोगों की मौत हो चुकी है और चार लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चेन्नई से विशेष विमान के जरिये बेलागावी में सांब्रा हवाई अड्डे पर पहुंचे और सेना के विमान में सवार होकर बाढ़ प्रभावित इलाकों के सर्वेक्षण के लिये रवाना हो गए।
राज्य के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और सुरेश अंगाड़ी, राज्य सभा सदस्य प्रभाकर कोरे और हुक्केरी से भाजपा विधायक उमेश कत्ती भी शाह के साथ थे। इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था कि गृह मंत्री बेलागावी जिले में बाढ़ के हालात की समीक्षा करेंगे। कर्नाटक के 17 जिलों के 80 तालुकाओं में पिछले सप्ताह आई बाढ़ में 31 लोगों की मौत हो चुकी है और चार लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। राज्य की लगभग सभी नदियां उफान पर हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रभाव बेलागावी, बगलकोट, विजयपुरा, गडा़ग, उत्तर कन्नड़, रायचूर, यदिगीर, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, चिकमंगलूर और कोडागू जिलों पर पड़ा है।