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NTRI: अमित शाह बोले, 'मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में की 70 फीसदी कमी'

Tue, 07 Jun 2022 07:45 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

National Tribal Research Institute: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नवनिर्मित राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन किया।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नवनिर्मित राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अपना संबोधन भी दिया। शाह ने कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी के विजन के अनुसार, राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान आखिरकार अस्तित्व में आ गया है। यह सिर्फ एक संस्था ही नहीं है, लेकिन ऐसे संस्थानों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका होती है। 

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शाह ने कहा कि दो दर्जन से भी ज़्यादा जनजातीय अनुसंधान संस्थान अलग-अलग नाम से काम कर रहे हैं लेकिन उसको राष्ट्रीय रूप से जोड़ने वाली कड़ी नहीं है। हमारी जनजातीय समाज में बहुत सारी विविधता है। इन विविधताओं को अगर एक कड़ी नहीं जोड़ती है तो समग्र देश के जनजातीय समाज के विकास का सपना अधूरा ही रहता है। आज राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान जो बन रहा है वो एक कड़ी बनने वाला है और हमारी कल्पना का जनजातीय विकास को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। 

 कांग्रेस शासन के मुकाबले हिंसक घटनाओं में भारी कमी: शाह
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या में 70 प्रतिशत की कमी की। कांग्रेस के 10 साल के शासन में पूर्वोत्तर में 8,700 हिंसक घटनाएं हुईं। मोदी सरकार के तहत यह घटकर 1,700 हो गई हैं। शाह ने कहा कि मोदी सरकार के तहत पूर्वोत्तर में 87 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान 304 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
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'आदिवासियों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा पूर्वोत्तर और मध्य भारत'
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि देश में पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र आदिवास बहुल क्षेत्र हैं और सुरक्षा बल वहां के विकास के अग्रदूत हैं। उन्होंने कहा, एक सुरक्षित पूर्वोत्तर और एक सुरक्षित मध्य भारत आदिवासियों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। 

'अनुसंधान और शिक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता'
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आने के बाद से अनुसंधान और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस सरकार में इस उद्देश्य के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि अलग रखी गई थी। 2022 में हमने इसके लिए 150 करोड़ रुपये रखे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चालू वित्त वर्ष में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का बजट 278 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,418 करोड़ रुपये कर दिया है। 

शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत 1.28 करोड़ आदिवासी घरों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया और 1.45 करोड़ घरों में शौचालय बनवाए। उन्होंने कहा, "हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 82 लाख अनुसूचित जाति के परिवारों को आयुष्मान कार्ड दिए हैं और आदिवासियों के लिए 40 लाख से अधिक घर बनाए हैं।"

शाह ने कहा कि सरकार ने आदिवासी स्वाधीनता सेनानियों के बलिदान और वीरता को मान्यता दी है और उनके सम्मान में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से देशभर में दस संग्रहालय बनाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में नीति आयोग, भारतीय जीवन बीमा निगम औ भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड जैसे कई संस्थान हैं जिन्होंने देश की प्रगति में बहुत योगदान दिया है।

शाह ने कहा कि देश की आजादी के सौ साल पूरे होने पर यह संस्थान (एनटीआरआई) आदिवासी विकास की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि देश में जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कला, संस्कृति, भाषा और परंपरा से जुड़े कई पारंपरिक आदिवासी कानून हैं, जिन पर शोध की जरूरत है। इन कानूनों को मौजूदा कानूनों से जोड़े बिना कोई भी आदिवासी कल्याणा कानून नहीं किया जा सकता है। इन सभी विषयों पर शोध राष्ट्रीय स्तर पर ही किया जा सकता है। 

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