दिल्ली सरकार ने सभी 11 जिलों में इस समय 495 टीमों को होम आइसोलेशन वालों की निगरानी का काम सौंप रखा है। इस समय लगभग 10 हजार मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। आने वाले दिनों में इन सबकी रोज चेकिंग करना बड़ी चुनौती का कार्य बनने वाला है। अगर इनकी सही निगरानी नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
क्या हैं विकल्प
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक निगरानी के कार्य में दिल्ली पुलिस का सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके आलावा नागरिक सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समाज के विभिन्न वर्गों से कोरोना के मामले में स्वयं सहायता की अपील की है। उम्मीद है कि इसके माध्यम से बड़ी संख्या में एनसीसी, एसएसएस और अन्य लोग सामने आएंगे। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार से भी सहयोग लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें-एक दिन में सामने आए सर्वाधिक 15413 मामले, संक्रमितों की संख्या चार लाख के पार
इतने हुए स्वस्थ
शनिवार तक दिल्ली में कोरोना मरीजों की कुल (Cumulative) संख्या 56746 तक पहुंच चुकी है। इनमें 31294 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं और 2112 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इस समय एक्टिव मामलों की संख्या 23340 है।
कितने बेड्स
दिल्ली कोरोना एप के मुताबिक राजधानी में इस समय कुल 12639 कोरोना बेड्स हैं। कुल 11 संस्थागत क्वारंटीन सेंटर हैं। इनमें कुल मिलाकर 5974 बेड्स हैं। इस प्रकार दोनों को मिलाकर 18613 लोगों को विभिन्न जगहों पर रखकर इलाज करने की व्यवस्था है। जबकि शनिवार तक कुल एक्टिव मामलों की संख्या 23340 है।
दिल्ली सरकार का तर्क था कि अगर सभी लोगों को अनिवार्य रूप से अस्पताल या क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाएगा तो इस समय भी सभी को बेड्स दे पाना संभव नहीं होगा। जबकि इस समय स्थिति यह है कि क्वारंटीन सेंटरों में (शनिवार तक) कुल 1143 लोग स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे और 4831 बेड्स अभी भी खाली पड़े हुए हैं।