होली के त्योहार पर पूरा बाजार चीन में बने सामानों से भरा पड़ा है। लेकिन व्यापारियों का कहना है कि अब चीन के बने सामानों का बहिष्कार किया जाना चाहिए क्योंकि वह भारतीय बाजार से अच्छी कमाई करने के बावजूद पाकिस्तान की तरफदारी करता है जो भारत में आतंकी गतिविधियां को अंजाम देता है। आतंकी मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के प्रयास में चीन के बाधा बनने से भी व्यापारी वर्ग नाराज है। चीन के इस रवैये पर अपना विरोध जताने के लिए व्यापारी मंगलवार को देश के 1,500 से अधिक जगहों पर चीनी सामानों की होली जलाएंगे।
व्यापारियों के संगठन कैट ने कहा कि आज की दुनिया में आर्थिक प्रतिबंध बहुत कारगर रहता है। अगर चीन पर भारत की तरफ से गैर-सरकारी तरीके से केवल व्यापारियों और ग्राहकों की तरफ से प्रतिबंध लगा दिया जाता है तो चीन को अपने रवैये पर दोबारा विचार करना पड़ेगा।
भारत का बड़ा व्यापार चीन से
चीन के रवैये के कारण भारत में चीन की वस्तुओं पर विरोध बढ़ता जा रहा है। अभी भी यह प्रतीकात्मक स्थिति में ही नजर आ रहा है, लेकिन अगर स्थिति गंभीर होती है तो इससे चीन को भारी नुक्सान हो सकता है। इसका कारण यह है कि चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है।
साल 2017-18 के आंकड़ों के मुताबिक 84.4 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। इसमें भारत से केवल 16.34 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था जबकि हिंदुस्तान ने 68.04 अरब डॉलर का आयात किया था। इस तरह व्यापार संतुलन भारी भरकम तरीके से चीन के पक्ष में झुका हुआ है।
हिंदुस्तान में कई लोगों का मानना है कि अपने आर्थिक विकास को बेहद गंभीरता से लेने वाले चीन पर अगर सख्ती बरती जाती है तो वह पाकिस्तान के बारे में अपनी रणनीति में कुछ बदलाव ला सकता है।