कैराना पलायन प्रकरण पर हिंदू युवा वाहिनी और अखिल भारत हिंदू महासभा के कैराना आने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। पुलिस ने शामली के बंतीखेड़ा में हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों को तो रोक दिया, लेकिन हिंदू महासभा की छह सदस्यीय टीम कैराना पहुंच गई, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शाम तक उन्हें पुलिस लाइन में रखने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया।
सांसद हुकुम सिंह द्वारा जारी की गई कैराना से 346 हिंदू परिवारों की सूची के मामले में पीड़ितों से बात करने हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष मुकेश राणा और संयोजक अंकुर सहित कई लोगों को बंतीखेड़ा के पास पुलिस ने रोक लिया। जहां उसे उन्हें वापस कर दिया गया।
वहीं कैराना में अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय महासचिव पूजा शगुन पांडेय पूर्वाह्न 11 बजे अलीगढ़ के नौरंगाबाद थाना क्षेत्र से मीडिया प्रभारी अशोक पांडे, अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष जयवीर सिंह, डॉ. कैलाश चंद वर्मा प्रदेश अध्यक्ष, गजेंद्र पाल सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष और सचिन शर्मा कार से सीधे कस्बे की टीचर्स कॉलोनी पहुंच गए। वहां पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से बात की।
उधर, हिंदू महासभा के पदाधिकारियों के कस्बे में आने की सूचना पर पुलिस आनन फानन में मौके पर पहुंची तथा महासभा के सभी पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर कोतवाली ले आई। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने सभी को पुलिस लाइन पहुंचा दिया।
कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने बताया कि महासभा के गिरफ्तार सभी छह पदाधिकारियों का धारा 151 में चालान किया गया है। शाम को उपजिला मजिस्ट्रेट रामअवतार गुप्ता ने महासभा के सभी पदाधिकारियों को एक-एक लाख के निजी मुचलके के साथ जमानत पर रिहा कर दिया।