असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बांग्लादेश में ताजा हालातों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए सभी कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करें। 78वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वारोहण करने के बाद सीएम सरमा ने कहा कि आजादी के लिए सभी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जंग लड़ी और किसी ने भी बंटवारा नहीं चाहा।
असम के सीएम ने कहा, ‘हम यहां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं और मेरा ध्यान बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं, ईसाइयों, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों की तरफ जा रहा है। मैं उनके लिए चिंतित हूं।’ उन्होंने आगे कहा कि वे खासतौर पर बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी बंग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। हिमंत बिस्व सरमा मे कहा, ‘मैं पीएम मोदी से अनुरोध करता हूं कि सभी कूटनितिक रास्तों का इस्तेमाल करें। मैं बांग्लादेश में हिंसा में मारे गए सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’ सरमा ने कहा कि सीमा की रक्षा एक संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने बीएसएफ और असम पुलिस को धन्यवाद दिया, जिन्होंने भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया कि कोई भी भारत में प्रवेश न करे।
असम के मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘कोई भी नहीं चाहता था कि भारत का विभाजन हो। बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं ने भी एक एकजुट होकर देश के लिए संघर्ष किया था। हालांकि, भारत की सत्ता पर काबिज लोग मुस्लिम ताकतों के आने झुक गए और इस तरह से देश में मौजूद हिंदू, बांग्लादेशी हिंदू और पाकिस्तानी हिंदू बन गए।’ इस दौरान सरमा ने वर्ष 1975 के आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने आपातकाल के काले अध्याय के खिलाफ भी जंग लड़ी। सीएम सरमा ने आगे दावा किया कि बीते नौ वर्षों में देश भर के 80 लाख लोगों को गरीबी से दूर किया गया है। इसके अलावा गरीब लोगों की संख्या 2013-14 में 36.97 प्रतिशत के मुकाबले घटकर 14.47 प्रतिशत हो गई है।