फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam: सीएम सरमा बोले- असम में बंगाली भाषी हिंदू सबसे ज्यादा सुरक्षित, सरकार मुद्दे सुलझाने के लिए कर रही काम

Mon, 01 Sep 2025 12:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिलचर

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सिलचर में एक कार्यक्रम से इतर कहा कि बीते 10 वर्षों में भाजपा के शासनकाल में बंगाली भाषी हिंदू असम में सबसे ज्यादा सहज और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम एक-एक करके बंगाली हिंदुओं की सभी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हमने उनका आधार कार्ड वापस दिलवाया। उनके खिलाफ नए नागरिकता मामले दर्ज करना बंद कर दिया है।'
विज्ञापन
हिमंत बिस्व सरमा, सीएम, असम - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि बीते 10 वर्षों में भाजपा के शासनकाल में बंगाली भाषी हिंदू असम में सबसे ज्यादा सहज और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार इनसे जुड़े सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए काम कर रही है। सीएम सरमा ने यह दावा भी किया कि उनकी सरकार बांग्लादेशियों के अवैध प्रवेश की कोशिशों को लगातार नाकाम कर रही है। 

विज्ञापन


सीएम सरमा रविवार को सिलचर में एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने कार्यक्रम से इतर कहा, 'हम एक-एक करके बंगाली हिंदुओं की सभी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हमने उनका आधार कार्ड वापस दिलवाया। उनके खिलाफ नए नागरिकता मामले दर्ज करना बंद कर दिया है।'

ये भी पढ़ें: Droupadi Murmu: आज से कर्नाटक और तमिलनाडु के तीन दिवसीय दौरे पर राष्ट्रपति, कई कार्यक्रमों में होंगी शामिल
विज्ञापन


इससे पहले किसी भी सरकार ने इतना काम नहीं किया
सीएम सरमा ने आगे कहा, मुझे नहीं लगता कि इससे पहले किसी भी सरकार ने उतना काम किया है, जितना मैं कर रहा हूं। लेकिन हर काम एक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, वरना अदालत उसे रोक देगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाली भाषी हिंदू बीते 10 वर्षों में भाजपा के शासनकाल में सबसे अधिक सहज रहे हैं। 

अब असमिया-बंगाली भाषी लोगों के बीच कोई विवाद नहीं
मुख्यमंत्री सरमा ने जोर देकर कहा कि अब असमिया और बंगाली भाषी लोगों के बीच कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू अब अपनी पहचान भाषा से नहीं, बल्कि धर्म से करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि कितने अवैध बांग्लादेशियों को सीमा से वापस भेजा गया है, तो उन्होंने कहा, 'संख्या बताना उचित नहीं है, समय आने पर आंकड़े बताए जाएंगे।'

कई बिचौलियों की भी हुई है गिरफ्तारी 
सीएम सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी त्रिपुरा, मेघालय के दावकी, असम के मनकाचर या श्रीभूमि के रास्ते घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन हमारे सुरक्षा बल उन्हें वापस भेज रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, 'हम यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि नई घुसपैठ न हो।' सीएम सरमा ने बताया कि कई बिचौलियों की गिफ्तारी भी हुई है। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से इनमें से कई हिंदू हैं। त्रिपुरा में सारे बिचौलिये हिंदू हैं। वे 20 हजार रुपये लेकर एक व्यक्ति को सीमा पार कराने में मदद करते हैं। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Kerala: सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला को नहीं दिया अयप्पा संगमम का न्योता, केरल के मंत्री का दावा

हिंदू समाज को तोड़ना चाहती हैं सुष्मिता देव
जब सीएम सरमा से तृणमूल सांसद सुष्मिता देव के आरोपों के बारे में पूछा गया कि बंगाली हिंदू अब भी परेशानियां झेल रहे हैं, तो उन्होंने कहा, 'वह हिंदू समाज को तोड़ना चाहती हैं, लेकिन हम सब एक हैं।' सीएम सरमा ने कहा, जो नेता अपनी जमीन छोड़ दे, वह दूसरों को चुनौती कैसे दे सकता है? कोई भी नेता अपना मूलस्थान नहीं छोड़ता। लेकिन उन्होंने असम छोड़ दिया और अब यहां मेहमान बनकर आई हैं। बता दें कि सुष्मिता देव सिलचर की मूल निवासी हैं और पहले लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें