सार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर 2013 में बिना वीजा रावलपिंडी जाने का आरोप लगाया है। सरमा ने उन्हें पाकिस्तान का स्टेट गेस्ट बताया। वहीं, गोगोई ने कहा कि उन्होंने पूरी अनुमति के साथ तक्षशिला की यात्रा की थी और इसकी जानकारी उनके पासपोर्ट में दर्ज है।
हिमंत बिस्वा सरमा / गौरव गोगोई
- फोटो : ANI
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दावा किया कि गौरव गोगोई 2013 में बिना वीजा के पाकिस्तान के रावलपिंडी गए थे। सरमा के अनुसार, यह बात साबित करती है कि गोगोई वहां स्टेट गेस्ट (राजकीय अतिथि) बनकर गए थे।
हिमंत बिस्वा सरमा का आरोप
सरमा ने रविवार को आरोप लगाया था कि गोगोई के पास उस समय केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद का वीजा था। इसके बावजूद वह रावलपिंडी पहुंचे। बोंगाईगांव में एक कार्यक्रम के दौरान सरमा ने कहा, "गोगोई ने खुद माना है कि वह रावलपिंडी गए थे। बिना वीजा के वहां जाने का मतलब है कि वह पाकिस्तानी सेना या पुलिस की गाड़ी में बैठकर गए होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि गोगोई का यह बयान कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करने के लिए काफी है।
ये भी पढ़ें: Babri Masjid: 'रोक सको तो रोक लो, मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाऊंगा'; हुमायूं कबीर का CM योगी पर पलटवार
गौरव गोगोई का पलटवार
दूसरी तरफ, गौरव गोगोई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने सोमवार को एक मीडिया वार्ता में बताया कि वह दिसंबर 2013 में अपनी पत्नी के साथ पूरी अनुमति लेकर तक्षशिला गए थे। तक्षशिला एक ऐतिहासिक केंद्र है जो रावलपिंडी जिले के पास स्थित है। गोगोई ने कहा कि 2014 में सांसद बनने के बाद उन्होंने अपना पासपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपा था। उस पासपोर्ट में इस यात्रा की पूरी जानकारी मौजूद है।
गोगोई ने साफ किया कि उनकी पत्नी एलिजाबेथ कूलबर्न 2012 में इस्लामाबाद में तैनात थीं। शादी के बाद यह दौरा उनके काम से जुड़ा था। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरमा अपने ही झूठ के जाल में फंस रहे हैं। असम में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच यह विवाद बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री लगातार गोगोई परिवार के पाकिस्तान से संबंध होने के आरोप लगा रहे हैं।
अन्य वीडियो-