हाईकोर्ट सहित जिला अदालतों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं बढ़ाए जाने के कार्य में सरकार की ओर से की जा रही कोताही पर हाईकोर्ट ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी बार-बार में अदालत में झूठा हलफनामा दाखिल करते हैं। हर बार काम समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया जाता है और फिर और समय बढ़ाने की मांग की जाती है। सरकार ऐसे लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।
अदालत ने कहा कि तय समयावधि में काम पूरा करने में क्या परेशानी आ रही है यह बताने के लिए अगली तारीख पर मुख्य सचिव स्वयं कोर्ट में हाजिर रहें। अन्य कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों और प्रमुख सचिव जनकार्य विभाग को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। अदालतों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के मामले में सात जजों की वृहद पीठ सरकार के रवैये से खासी नाराज थी।
जजों ने कहा कि यहां बैठ कर सिविल वर्क और सिक्योरिटी देखना उनका काम नहीं है, यह सरकार का काम है, उनको इसकी चिंता होनी चाहिए, मगर उनका काम अदालत को करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट की सुरक्षा के लिए चारों गेट पर चेक प्वाइंट बनाने और बायोमैट्रिक कार्ड से इंट्री के लिए उपकरण आदि लगाने के कार्य की अंतिम तिथि 13 मार्च को दी गई थी।