हाईकोर्ट ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार के बेटे आदित्य तलवार का गैर जमानती वारंट रद्द करने से बुधवार को इंकार कर दिया। कोर्ट ने आदित्य को निचली अदालत में अपनी अर्जी दायर करने के लिए कहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दीपक तलवार के साथ उसके बेटे आदित्य के खिलाफ जांच रिपोर्ट निचली अदालत में पेश की थी। अदालत ने इसके बाद आदित्य तलवार का गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।
न्यायमूर्ति चंद्रशेखर ने हालांकि गैर जमानती वारंट रद्द करने से इंकार कर दिया लेकिन आदित्य की याचिका पर नोटिस जारी कर 17 मई तक जवाब मांगा है। आदित्य तलवार ने ईडी की जांच रिपोर्ट (आरोप पत्र) को चुनौती दी है। याची ने जांच रिपोर्ट को चुनौती देते हुए कहा है कि पूरी तरह से गलत है और इसमें पेश किए तथ्यों में कोई दम नहीं है। ईडी ओर से याचिका का विरोध करते हुए विशेष अधिवक्ता डीपी सिंह व स्थायी अधिवक्ता अमित महाजन ने कहा याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और खारिज कर दिया जाए।
राउज एवेन्यू अदालत की विशेष सीबीआई जज अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए आदित्य को बतौर आरोपी गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके अलावा अदालत ने दीपक तलवार को प्रोडक्शन वारंट जारी कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था। निचली अदालत में मामले की सुनवाई नौ मई को होनी है।
एजेंसी ने जांच रिपोर्ट (आरोप पत्र) में कहा है कि तलवार व पटेल के बीच संपर्क के ई-मेल के साथ ही अन्य साक्ष्य हैं। एजेंसी का दावा है कि पटेल को भेजे गए कई पत्रों को दीपक ने एयर अमीरात व एयर अरेबिया के प्रतिनिधि के तौर पर अंतिम रूप दिया था। ईडी के आरोप पत्र के मुताबिक दीपक तलवार ने विदेशी निजी एयरलाइन कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने संपर्कों का इस्तेमाल किया था।
ईडी ने अदालत को बताया था कि वह केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय, नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसीआईएल) व एयर इंडिया के उन अधिकारियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्होंने कतर एयरवेज, एयर अमीरात व एयर अरेबिया समेत कई विदेशी निजी कंपनियों को फायदे वाले रूट व टाइम पर उड़ान की अनुमति दिलवाई थी और इस पर एयर इंडिया की उड़ानों को बंद कर दिया गया था।