उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को दुर्लभ रोग कोष के लिए एकत्रित केरल उच्च न्यायालय के पास पड़ी 63 करोड़ रुपये से अधिक की अप्रयुक्त राशि को स्थानांतरित करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह राशि एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के इलाज के लिए आम जनता से एकत्र की गई थी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने केंद्र के उस तर्क पर असहमति जताई कि वह केरल उच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही में एक पक्ष नहीं था, जिसमें राशि एकत्र की गई थी। अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा द्वारा दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड में लिया कि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अदालत ने कहा कि केंद्र केरल हाईकोर्ट मामले में पक्ष नहीं था, यह कोई तर्क नहीं है। अदालत ने कहा वे आशा करती है कि केंद्र राशि को स्थानांतरित करने के लिए उचित कदम उठाएगा ताकि राशि अप्रयुक्त न रहे और इसे तुरंत दुर्लभ रोग कोष में स्थानांतरित कर दिया जाए।