फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दवाओं की आनलाइन बिक्री पर रोक हटाने से उच्च न्यायालय का इनकार

Wed, 09 Jan 2019 02:26 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
drugs
विज्ञापन

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आनलाइन फार्मेसी से सीधी मंगाई जाने वाली दवा अथवा डॉक्टर के पर्चे के आधार पर दवाओं की बिक्री पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि मामले की सुनवाई की अगली तारीख छह फरवरी तक यह रोक बनी रहेगी। केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि इस तरह की इकाइयों के लिए अभी नियम बनाए जाने हैं। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन तथा न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने कहा, ‘‘सरकार ने अपने जवाबी हलफनामे में जिस मजबूती से अपनी बात रखी है और साथ ही विभिन्न समितियों की रिपोर्टों तथा यह तथ्य ध्यान में रखते हुए कि इसके लिये सांविधिक नियम अभी बनाए जाने हैं, हम अंतरिम आदेश में बदलाव नहीं करने जा रहे हैं।’’ अदालत जहीर अहमद द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर रही है। इस याचिका में दवाओं की ‘गैरकानूनी’ आनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

केंद्र के अधिवक्ता ने कहा कि सरकार इस बारे में नियम बना रही है। सुनवाई के दौरान एक आनलाइन फार्मेसी ने अदालत को सूचित किया कि मद्रास उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने दवाओं की आनलाइन बिक्री पर रोक को हटा दिया है। दवाओं की आनलाइन बिक्री करने वाली कंपनियों ने अदालत से दवाओं की आनलाइन बिक्री पर रोक हटाने की अपील करते हुए कहा कि उनके पास लाइसेंस है और वे किसी भी दवा की बिक्री गैरकानूनी तरीके से नहीं करती हैं। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने कहा कि अंशधारकों द्वारा जताई गई चिंता पर विचार विमर्श करने के बाद यह फैसला किया गया है कि केंद्र सरकार दवाओं की आनलाइन बिक्री के नियमनों के लिए नियामकीय ढांचा तैयार करे। सरकार ने इस मामले में आपत्तियों और सुझाावों पर विचार विमर्श के बाद नियमों के मसौदे को अंतिम रूप दिया जायेगा और सरकारी गैजेट में प्रकाशित किया जायेगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें