सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को तमिलनाडु सरकार के एमबीबीएस और बीडीएस के लिए 85 प्रतिशत कोटा, राज्य बोर्ड के छात्रों और सीबीएसई छात्रों को देने के फैसले को मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
इसके साथ ही कोर्ट ने संबंधित संस्थाओं को आदेश दिया है कि वह एक नई मेरिट लिस्ट तैयार करें। वहीं एडमिशन के लिए काउंसलिंग को भी नियामनुसार करें।
सरकार ने फैसला किया था कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) स्कोर के आधार पर रैंकिंग होने के बाद भी मेडिकल की 85 प्रतिशत सीट आरक्षित करने का फैसला किया था।
गौरतलब है कि सीबीएसई के छात्रों ने राज्य सरकार के 22 जून के आदेश को चुनौती दी थी। छात्रों की दलील थी सरकार का यह फैसला समानता के अधिकार के खिलाफ है। सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़े हो रहे थे कि राज्य बोर्ड से बाहर के छात्रों के लिए नीट परीक्षा पास करने के बावजूद 15 फीसदी ही सीटें क्यों रखी।