जनता के शिकायत पत्रों का जवाब देने में असफल रहने पर मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। नाराज कोर्ट ने कहा कि अदालत की खंडपीठ डाकघर नहीं है कि वह सरकार के इस तरह के मामलों का निपटारा करे।
अदालत ने यह प्रतिक्रिया शुक्रवार को सी अरुमुगम की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दी। अरुमुगम ने अपनी याचिका में अत्तुर गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए विल्लुपुरम के कलेक्टर और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने की अपील की थी।
अदालत ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की शिकायत पर अधिकतम तीन महीने के भीतर निर्णय लें।
अदालत ने कहा कि अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामलों में अदालत तभी हस्तक्षेप करती है जब प्रशासन शिकायत का निपटारा करने में असफल रहता है। अदालत ने कहा कि इस तरह के मामलों को निपटारे के लिए डाकघर में अदालत की खंडपीठ स्थापित नहीं की जा सकती।