भारतीय रेलवे के दिल्ली स्थित रेल भवन में रखे एतिहासिक भाप के इंजन को यहां से हटाकर अब राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में पहुंचा दिया गया है। इसके स्थान पर यहां वंदे भारत ट्रेन की प्रतिकृति लगाई जाएगी।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित रेल भवन के परिसर में लगे एक ऐतिहासिक भाप इंजन को सोमवार को यहां से हटाकर एक संग्रहालय पहुंचा दिया गया। इसके स्थान पर सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की प्रतिकृति स्थापित की जाएगी। जिस इंजन को यहां से हटाया जा रहा है वह बी क्लास का रेल इंजन है और इसका नाम लोको संख्या 799 है। इसका निर्माण यूनाइटेड किंगडम के ग्लासगो में किया गया था।
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यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर की सूची में शामिल 'दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे' (डीएचआर) के इस भाप इंजन को आजादी मिलने के कुछ साल बाद दिल्ली लाया गया था। भारतीय रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऐतिहासिक इंजन को रेल भवन परिसर से सुबह हटा दिया गया था और इसे चाणक्यपुरी में स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय भेज दिया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि इस कदम से लोग अधिक आसानी से इस ऐतिहासिक इंजन को देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि यहां रेल भवन में इस इंजन को बहुत कम लोग देख सकते थे क्योंकि यहां पर प्रवेश प्रतिबंधित है। अब राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में पहुंचने के बाद अधिक से अधिक लोग इसे देख सकेंगे और इसके बारे में जान सकेंगे। वहीं, इसके स्थान पर अब रेल भवन में वंदे भारत ट्रेन की एक प्रतिकृति को स्थापित किया जाएगा।