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अब नहीं हो सकेगी वोटिंग में धांधली, गुजरात IIM के इस ग्रेजुएट ने बनाई वोटिंग एप

Thu, 13 Jul 2017 04:40 PM IST
amarujala.com-presented by: मोहित
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इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन
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बीते दिनों पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को भारी जनमत मिला। जिनमें से चार राज्यों में भाजपा सत्ता तक पहुंचने में कामयाब रही। वहीं चुनाव में उतरी अन्य पार्टियों ने इस पूरी चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए।
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सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने वोटिंग मशीनों को शक के दायरे में रखते हुए चुनाव में धांधली (ईवीएम हैकिंग) की बात कही। इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो कि पंजाब में जीत का सपना देख रहे थे उन्होंने भी हार के लिए इसी तरह के इल्जाम लगाए। जिसके बाद भविष्य में होने वाले चुनाव पर चुनाव आयोग ने वीवीपैट से करवाने की बात कही।

लेकिन गुजरात आईआईएम के नीरज गुटगुटिया ने 'राइट2वोट' नाम की एक एप बनाई है जिसके जरिए उन्होंने 100 प्रतिशत निष्पक्ष वोटिंग का दावा किया है।दावा है कि इस एप के जरिए वोटिंग को आसान और प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम है।
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नीरज बताते हैं कि 'मेरे इस प्लेटफॉर्म के जरिए चुनाव के दौरान कई तरह के फायदे होंगे जिनमें 90 प्रतिशत खर्च, समय और मेहनत बचेगी। इस प्लेटफॉर्म को चुनाव आयोग जिला परिषद् चुनावों में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने पर भी विचार कर रहा है।'
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ऐसे काम करेगी राइट2वोट एप

नीरज ने बताया कि इस एप को इस्तेमाल करने के लिए मतदाता को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से एप को डाउनलोड करना होगा। इस एप के जरिए वहीं वोट डाल पाएंगे जिन्होंने इस एप को आधार से जोड़ा होगा।   

वोटिंग वाले दिन मतदाता जब एप को संचालित करेंगे तो उन्हें आधार नंबर और फिंगर प्रिंट देना होगा। जिसके बाद एप बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए ऑटोमेटिक्ली कनेक्ट हो जाएगी। अगर आपका वेरिफिकेशन सही पाया गया तभी आप वोट डाल पाएंगे।

जिनके पास आधार कार्ड नहीं उन्हें इस एप से कैसे फायदा मिल सकता है इसके लिए भी चुनाव आयोग से बात चल रही है।
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