झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाए अपराधियों ने अब उन्हें निशाने पर ले रखा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है, जिसके बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था संभालने वालों में हड़कंप मच गया है।
चार जनवरी को राजधानी के किशोरगंज चौक पर मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला होने के बाद उन्हें एक बेनामी ई-मेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री आवास में तैनात विशेष शाखा के दारोगा मोहम्मद तंजील खान के बयान पर रांची के साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जान से मारने की धमकी वाला ई-मेल मुख्यमंत्री के अलावा उनके सचिव को भी भेजा गया है। ई-मेल भेजने वाले का नाम व पता इस ई-मेल में नहीं है। इस ई-मेल में डीजीपी एमवी राव को भी धमकी दी गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी साइबर क्राइम थाना रांची के इंस्पेक्टर सतीश गोराई को दी गई है।
पिछले साल जुलाई में भी मिली थी जान से मारने की धमकी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गत वर्ष जुलाई महीने में भी ई-मेल भेजकर धमकी दी गई थी। अपराधियों ने आठ व 17 जुलाई , 2020 को ई-मेल भेजकर धमकी दी थी। इस मामले में रांची के साइबर थाने में पहले भी दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इन दोनों ई-मेल को भेजने के लिए जर्मनी व स्विटजरलैंड के अलग-अलग सर्वर का प्रयोग किया गया था।
जर्मनी व स्विटजरलैंड से मांगी मदद
मुख्यमंत्री को धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद से अपराधियों को पकड़ने के लिए सीआईडी ने प्रयास तेज कर दिए हैं। सीआईडी के एडीजी अनिल पाल्टा स्वयं इस केस की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने जर्मनी व स्विटजरलैंड को अनुरोध पत्र भी भेजा है ताकि ई-मेल भेजने वालों तक पुलिस पहुंच सके। अब तक साइबर क्राइम थाने को इस ई-मेल से संबंधित आईपी एड्रेस का पता नहीं चला है।