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ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर अब भारत में चलेगी हेली क्लीनिक, पहाड़ी राज्यों के लिए वरदान 

Thu, 11 Jan 2018 12:10 AM IST
संजय मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फिनमेकैनिका हेलीकॉप्टर - फोटो : Finmeccanica
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केंद्र सरकार के जरिए शुरू की जा रही हेली क्लीनिक की योजना पहाड़ी राज्यों में स्वास्थ्य सेवा के रूप में वरदान साबित हो सकती है। दूर-दराज के क्षेत्र में रह रहे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर भारत में भी हेली क्लीनिक चलाने की योजना बनाई है। हालांकि इसकी शुरुआत पूर्वोत्तर के दो अहम राज्यों मणिपुर और मेघालय से होगी। मगर सफल रहने पर इसे अन्य पहाड़ी राज्यों में भी चलाया जाएगा। 
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प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार के इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना पहाड़ी राज्यों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास मंत्रालय ने इस योजना का प्रस्ताव नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय को भेजा जा चुका है। उड्डयन मंत्रालय की मंजूरी के बाद योजना का प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट को जाएगा। 

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क्या है हेली क्लीनिक, कैसे साबित होगी वरदान 

ऑस्ट्रेलिया के तर्ज पर चलने वाली इस हेली क्लीनिक में डाक्टरों का एक दल हेलिकॉप्टर पर सवार होकर दूर-दराज के गावों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य जांच करेगा। गहरी बिमारी वाले मरीजों को यह हेली क्लीनिक साथ लाकर उसे बडे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करेगा। तो सामान्य और हल्की बीमारी वाले मरीजों का इलाज स्पॉट पर ही होगा। मरीजों के लिए जरूरी दवाईयां भी इस हेली क्लीनिक में रहेगा। यह हेली क्लीनिक वैसे तो हेली एंबुलेंस से मिलता जुलता है। 
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मेघालय और मणिपुर से ही क्यों शुरू होगी हेली क्लीनिक 

शादी के लिए चार हेलीपैड बनाए गए। - फोटो : AmarUjala
मगर हेली क्लीनिक का मकसद दूर-दराज के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके जरिए दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टर पहुंचकर मरीज का इलाज करेंगे। डॉक्टरों की सुविधा और हेलिकॉप्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सरकार ने राज्य सरकारों को भी विश्वास में लेने का निर्णय लिया है। राज्य सरकारों के अपने हेलिकॉप्टर भी इस सेवा से जोड़े जाएंगे। पूर्वोत्तर भारत के जिन राज्यों में के पास अपने हेलिकॉप्टर नहीं हैं। उन्हें केंद्र ने हेलिकॉप्टर मुहैया कराने का निर्णय लिया है। 

मेघालय और मणिपुर से हेली क्लीनिक को शुरू करने की योजना को वैसे तो सियासी चश्में से देखा जा रहा है। मेघालय में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसलिए सरकार ऐसी योजना शुरू कर रही है। मगर केंद्र सरकार की दलील है कि मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला अपने राज्य में हेली क्लीनिक को शुरू करने का लंबे अरसे से दबाव बनाए हुई हैं। तो मेघालय में राष्ट्रीय स्तर का स्वास्थ्य संस्थान होने की वजह से यहां सेवा शुरू की जा रही है। क्योंकि हेली क्लीनिक की सफलता के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती है।

मणिपुर में भी नामी स्वास्थ्य संस्थानों ने अपनी रूची इस सेवा में दिखाई हैं। वे भी इसमें अपनी भूमिका निभाने को तत्पर दिख रहे हैं। हालांकि योजना के शुरू होने में अभी वक्त लग सकता है। उड्डयन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद योजना की मंजूरी कैबिनेट से भी लेनी पड़ेगी। वैसे पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए बनी डोनर मंत्रालय ने हेली क्लीनिक के लिए अपने प्रयास तेज किए हुए हैं। केंद्र की मंजूरी के अलावा सेवा के लिए जरूरी अन्य बाधाओं को दूर करने के प्रयास में मंत्रालय के कर्मी जुटे हुए हैं। 
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