इससे पहले केंद्र सरकार ने 12 फरवरी, 2015 को आईपीएस अधिकारी प्रमोद अस्थाना की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कपूर और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुमार ज्ञानेश सदस्य थे। एसआईटी को 293 मामलों की पुन:जांच करने के लिए कहा गया था।
एसआईटी ने इनमें से 241 मामलों को यह कहते हुए बंद कर दिया कि इन मामलों में उपलब्ध साक्ष्य अपर्याप्त हैं। एसआईटी ने कहा था कि आठ मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है और पांच मामलों की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है।
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे दंगे
31 अक्तूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद देशभर में सिख विरोधी दंगे भड़के थे। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में हुए दंगों में 3,325 लोग मारे गए थे। अकेले दिल्ली में 2,733 लोगों की हत्या हुई थी।