दोषी की मृत्यु हो जाने के बाद ये उसके कानूनी वारिसों की जिम्मेदारी है कि वे दोषी पर ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने की भरपाई करें। बांबे हाईकोर्ट ने यह अहम आदेश देते हुए कहा है कि यह भरपाई दोषी की पीछे छोड़ी गई संपत्ति से की जानी चाहिए।
न्यायाधीश शालिनी फंसलकर जोशी ने यह अहम निर्णय सुनाया है। न्यायाधीश जोशी ने कहा कि दोषी की मृत्यु होने पर भी वह निचली अदालत द्वारा लगाए गए जुर्माने भरने की जिम्मेदारी से नहीं छूट सकता है। यह जुर्माना दोषी की संपत्ति से वसूला जा सकता है।
हाईकोर्ट ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया है, जिसमें महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी एक महिला ने कहा था कि वह अपने मृत पति पर लगाए गए जुर्माना नहीं भर सकती, क्योंकि वह सिर्फ कानूनी वारिस है। चेक बाउंस होने के एक मामले में मजिस्ट्रेट अदालत ने महिला के पति को 25 हजार रुपये का दंड भरने का आदेश दिया था, लेकिन इसी दौरान उसकी मौत हो गई।