देश के कई क्षेत्रों में मौसम बिगड़ गया है। पश्चिम व मध्य भारत में जहां पश्चिम विक्षोभ के कारण बारिश हो रही है, वहीं आंध्र व ओडिशा के तट पर गहरा दबाव क्षेत्र बनने से तूफान 'जोवाड' (Cyclone Jowad) की आहट हो गई है। यह चार दिसंबर को आंध्र के तट से टकराएगा। इसके असर से देश के अनेक हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। उधर आंध्र में भारी बारिश से तिरुमला पहाड़ी पर भूस्खलन होने से तिरुपति बालाजी का रास्ता बंद हो गया। मप्र समेत अनेक राज्यों में बारिश से ठंड चमक गई है।
तिरुमला में श्री वेंकटेश्वर मंदिर की ओर जाने वाली सड़क भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई। इस कारण भक्तों को काफी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। तिरुपति मंदिर जा रहे कई वाहन घाट में फंस गए। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा रास्ता चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तिरुमला घाट रोड को भूस्खलन के कारण एक माह में दूसरी बार बंद करना पड़ा। इससे पहले 11 नवंबर को ऐसी ही स्थिति बनी थी। तब भी भारी वर्षा के कारण भूस्खलन हुआ था।
मप्र में छाए बादल, इंदौर समेत कुछ शहरों में हल्की वर्षा
उधर, मध्यप्रदेश व राजस्थान में बादल छाए हुए हैं। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई है। सर्द हवाएं चलने से ठंड बढ़ गई है। मप्र में भोपाल, इंदौर-उज्जैन, होशंगाबाद, ग्वालियर-चंबल संभागों में भी मौसम बदलाव हुआ है। मंगलवार शाम बूंदाबांदी के बाद बुधवार दोपहर इंदौर समेत कुछ शहरों में हल्की वर्षा हुई।