चुनाव कानून के उल्लंघन पर यूपी में कार्यवाही के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई टली
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2014 के भड़काऊ भाषण के एक मामले में आरोपमुक्त करने की मांग वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर की निचली अदालत में लंबित आपराधिक मामले में उन्हें आरोपमुक्त करने से मना कर दिया था।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने केजरीवाल के वकील की ओर से सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले को चार हफ्ते के लिए टाल दिया। पीठ ने केजरीवाल को उत्तर प्रदेश से दायर जवाबी हलफनामे पर अपना पक्ष रखने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। शीर्ष अदालत 16 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पारित उस आदेश के खिलाफ केजरीवाल की अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मामले में आरोप मुक्त करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर सत्र अदालत के एक आदेश को बरकरार रखा था।
आम आदमी पार्टी प्रमुख के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा- 125 (चुनाव के संबंध में वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत एक फ्लाइंग स्क्वाड मजिस्ट्रेट ने मामला दर्ज किया था। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था। केजरीवाल पर कथित तौर पर यह बोला था, जो कांग्रेस को वोट देगा, मेरा मनाना है कि देश के साथ गद्दारी होगी और जो भाजपा को वोट देगा उसे खुदा भी माफ नहीं करेंगे, यह देश के साथ गद्दारी होगी।