कोयला खदानों की वर्चुअल नीलामी के खिलाफ झारखंड सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई एक हफ्ते टाल दी है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने झारखंड सरकार के अनुरोध पर सुनवाई टाली है। राज्य सरकार का कहना था कि उनके ऑरिजनल सूट पर भी सुनवाई की जाए।
केंद्र सरकार ने 18 जून को शुरू 41 कोयला ब्लॉकों की वर्चुअल नीलामी का निर्णय लिया था। झारखंड सरकार ने वाणिज्यिक खनन के लिए केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार ने कोर्ट से केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा खदानों की प्रस्तावित नीलामी पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की है।
राज्य सरकार का कहना है कि कोयला खनन का झारखंड और उसके निवासियों की विशाल जनजातीय आबादी और वन भूमि पर सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव के निष्पक्ष मूल्यांकन की आवश्यकता है। केंद्र के नीलामी के फैसले से इन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
दरअसल, अगले पांच-छह वर्षों में देश में पूंजी निवेश के 33,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद के साथ नीलामी शुरू करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यह आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।