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Nimisha Priya: निमिषा प्रिया मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वकील ने बताया- अभी कोई खतरा नहीं, बातचीत जारी

Thu, 14 Aug 2025 01:56 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट को 18 जुलाई को केंद्र ने बताया था कि हम निमिषा प्रिया मामले में हरसंभव मदद कर रहे हैं। निमिषा को 16 जुलाई को मौत की सजा मिलनी थी। हालांकि सरकार के प्रयासों और केरल के एक मुस्लिम धर्मगुरु की मदद से निमिषा प्रिया की फांसी की सजा फिलहाल टाल दी गई है।
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निमिषा प्रिया - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को यमन में मौत की सजा काट रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया मामले में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट को निमिषा की कानूनी मदद कर रहे वकील ने बताया कि भारतीय नर्स को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। मामले में बातचीत जारी है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई आठ सप्ताह बाद के लिए स्थगित कर दी।
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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ से याचिकाकर्ता सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल के वकील ने मामले को स्थगित करने का अनुरोध किया। वकील ने कहा कि बातचीत चल रही है। फिलहाल कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। कृपया इसे चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दें। उम्मीद है कि उस समय तक सब कुछ खत्म हो जाएगा।

इसके बाद पीठ ने कहा कि इस मामले को आठ सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया जाए। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यदि कोई तात्कालिक जरूरत होगी तो वे इस मामले को शीर्ष अदालत के समक्ष उठाएंगे।
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टाल दी गई थी निमिषा की सजा
सुप्रीम कोर्ट को 18 जुलाई को केंद्र ने बताया था कि हम निमिषा प्रिया मामले में हरसंभव मदद कर रहे हैं। निमिषा को 16 जुलाई को मौत की सजा मिलनी थी। हालांकि सरकार के प्रयासों और केरल के एक मुस्लिम धर्मगुरु की मदद से निमिषा प्रिया की फांसी की सजा फिलहाल टाल दी गई है।

केंद्र सरकार ने कहा- वे हरसंभव मदद कर रहे
सुप्रीम कोर्ट को शुक्रवार को सूचित किया गया कि यमन में हत्या के आरोप में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमण ने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ को बताया कि इस मामले में नर्स को बचाने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रिया सुरक्षित वापस आ जाए। पीठ ने भी इसे स्वीकार किया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि निमिषा को पहले मृतक महदी के परिजनों से क्षमादान प्राप्त करना होगा और फिर उसके बाद ब्लड मनी का मुद्दा आएगा। याचिकाकर्ता ने अदालत को सूचित किया कि फांसी स्थगित कर दी गई है। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई 14 अगस्त तक के लिए टाल दी। 

याचिका में निमिषा को बचाने की अपील
याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि सरकार हरसंभव राजनयिक माध्यमों से 38 वर्षीय भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बचाए। साथ ही सरकार से मांग की गई है कि एक समिति गठित की जाए, जो निमिषा प्रिया को बचाने के लिए यमन की सरकार से बात करे। केरल के पलक्कड़ ज़िले की निवासी निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमन के निवासी बिजनेस पार्टनर की हत्या का दोषी ठहराया गया था। उसे 2020 में मौत की सजा सुनाई गई और उसकी अंतिम अपील 2023 में खारिज हो गई। निमिषा फिलहाल यमन की राजधानी सना की जेल में कैद है। 
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