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स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेसवार्ता: देश में ओमिक्रॉन के 25 मामले, पिछले 14 दिनों में 10 हजार से कम मरीज

Fri, 10 Dec 2021 04:51 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को हुई एक प्रेसवार्ता में देश में कोरोना वायरस महामारी से संबंधित जानकारियां दी गईं। मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने यहां देश में नए मामले, टीकाकरण और ओमिक्रॉन के बारे में जानकारी दी। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव और नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल भी यहां मौजूद रहे।
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कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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देश में पिछले सप्ताह कोरोना वायरस संक्रमण की सकारात्मकता दर 0.73 फीसदी रही और पिछले 14 दिनों में संक्रमण के 10 हजार से भी कम मामले सामने आए। देश के कुल सक्रिय मरीजों में से 43 फीसदी केरल में हैं। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता में दी। 

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इस दौरान लव अग्रवाल ने देश में कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के कुल 25 मामले सामने आए हैं। इन सभी मरीजों में हल्के लक्षण देखने को मिले हैं। यह कोरोना वायरस को सभी ज्ञात वैरिएंट के मुकाबले 0.04 फीसदी से भी कम है।

जन स्वास्थ्य के मानकों का लगातार पालन करना जरूरी
अग्रवाल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि जन स्वास्थ्य के मानकों का टीकाकरण के बाद भी लगातार पालन किया जाना चाहिए। बचाव के लिए उपयुक्त कदम उठाने होंगे। डब्ल्यूएचओ ने कहा, अगर किसी कारण से जन स्वास्थ्य के मानकों में ढील आती है तो यूरोप में संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।
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जहां पॉजिटिविटी ज्यादा हो वहां लगें प्रतिबंध: डॉ. भार्गव
वहीं, प्रेसवार्ता में मौजूद रहे आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि ओमिक्रॉन को लेकर भारत और वैश्विक स्थिति पर नजर रखी जा रही है और बैठकें की जा रही हैं। हमें अफरा-तफरी से बचने के लिए मदद की जरूरत है। जहां सकारात्मकता दर पांच फीसदी से ज्यादा है वहां जिला स्तर पर प्रतिबंध लगाने चाहिए।

बचाव के लिए टीका और मास्क दोनों जरूरी: डॉ. पॉल
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि जहां तक सुरक्षा क्षमताओं का सवाल है तो इस समय हम खतरनाक और अस्वीकार्य स्तर पर काम कर रहे हैं। मास्क का उपयोग लगातार घटता जा रहा है। हमें यह याद रखना होगा कि टीका और मास्क दोनों ही जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक हालात से सबक लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एस-जीन ड्रॉप होना ओमिक्रॉन का संभावित संकेतक हो सकता है। ओमिक्रॉन के कुछ ही मामले सामने आए हैं, हम अभी इसके बारे में सीख रहे हैं। हम जीनोम सिक्वेंसिंग करके ही ओमिक्रॉन की पुष्टि कर रहे हैं, यही हमारी अप्रोच रहेगी।

निगरानी और जांच पर पूरा ध्यान दे रही है  केंद्र सरकार
उन्होंने कहा कि निगरानी, प्रभावी स्क्रीनिंग, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी और स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने का काम किया जा रहा है। राज्यों से कहा गया है कि सर्विलांस को बढ़ाएं और बाहरी देशों से आने वाले हर यात्री की सक्रिय रूप से जांच करें। ओमिक्रॉन को कहीं अधिक संक्रामक वैरिएंट माना जा रहा है।

59 देशों में ओमिक्रॉन के अब तक 2936 मामलों की पुष्टि
संयुक्त स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि 24 नवंबर तक केवल दो देशों में ओमिक्रॉन से संक्रमण के मामले सामने आए थे। अब ऐसे देशों की संख्या 59 हो चुकी है। इन 59 देशों में अभी तक ओमिक्रॉन के 2936 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा 78,054 संभावित मामले भी सामने आए हैं, जिनकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है।

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