केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछली बार एक दिन में दर्ज किए कोरोना के सबसे ज्यादा मामलों के बाद से दैनिक मामलों में अब 85 फीसदी की कमी आ चुकी है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि हम यह स्थिति 75 दिन बाद देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि देश में संक्रमण की दर में गिरावट आ रही है।
अग्रवाल ने कहा कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान एक से 10 साल की आयु वर्ग के 3.28 फीसदी बच्चे इस बीमारी की चपेट में आए थे। जबति दूसरी लहर के दौरान यह आंकड़ा 3.05 फीसदी रहा है। वहीं, पहली लहर में 11-20 वर्ष के 8.03 फीसदी बच्चे संक्रमित हुए थे और दूसरी लहर में 8.5 फीसदी इस कोरोना वायरस से संक्रमित हुए।
इसके साथ ही, दूसरी लहर में 11.62 फीसदी मामले 20 साल से कम उम्र वालों में देखने को मिले, जबकि पहली लहर में इस आयु वर्ग के 11.31 फीसदी लोग संक्रमित हुए थे।
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि देश में वायरस का प्रसार इस समय बहुत धीमा है। हम पिछले साल के मुकाबले इस साल इस वायरस के एक बेहद संक्रामक वेरिएंट का सामना कर रहे हैं। इसलिए हमें अधिक सतर्कता बरतने की और कोविड अनुरूप व्यवहार का सख्ती से पालन करने की जरूरत है।
नोवावैक्स बहुत असरदार और सुरक्षित
डॉ.पॉल ने कहा कि नोवावैक्स टीके के परिणाम आशावादी हैं। सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध डाटा से हमने जो सीखा है वह यह है कि यह वैक्सीन बहुत सुरक्षित और बहुत असरदार है। इस टीके का उत्पादन भारत में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायलों का आयोजन शुरू किया जा चुका है और यह समाप्त होने की ओर है।
उन्होंने कहा कि नोवावैक्स टीके के उत्पादन में फिलहाल कुछ समय लगेगा। डॉ. पॉल ने उम्मीद जताई की अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स बच्चों पर भी टीके का ट्रायल शुरू करेगी।
इसके साथ ही अग्रवाल ने टीकाकरण को कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में टीकाकरण एक अतिरिक्त हथियार करार दिया। उन्होंने कहा, मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि साफ-सफाई का ध्यान रखें, मास्क पहनने, शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के साथ कोरोना उपयुक्त व्यवहार अपनाएं। उन्होंने कहा कि जितना संभव हो यात्रा करने से बचें।