स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स से यूजर्स चार्ज की समीक्षा कर जानकारी देने को कहा है। वहीं, संस्थान 500 रुपये से कम लागत वाले ब्लड टेस्ट और एक्स-रे जैसी निदान प्रक्रियाओं के लिए फीस को खत्म करने की योजना बना रहा है।
वित्त मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) से कई बार अपने यूजर्स चार्ज की समीक्षा करने और इसमें संशोधित करने को कहा था। वित्त मंत्रालय का कहना है कि ये चार्ज पिछले वर्षों से बदले नहीं गए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय चाहता है कि सभी सरकारी संस्थान यूजर्स चार्ज की समीक्षा करें। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हर साल एम्स गैर-योजनागत व्यय के लिए 300 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन की मांग करता रहा है क्योंकि बजट अनुमानों और संशोधित अनुमानों के बीच भारी अंतर होता है। वित्त मंत्रालय ने भी एम्स से अपने यूजर्स चार्ज की समीक्षा करने को कहा है, जो 1996 से अपरिवर्तनीय है।