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क्या नोएडा यूपी कानून के तहत निगम है, सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

Mon, 16 Oct 2017 01:34 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस बात का परीक्षण करेगा कि क्या नोएडा (न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) यूपी औद्योगिक विकास कानून के तहत स्थापित निगम है। न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और ए एम सप्रे की पीठ इस पर 24 अक्तूबर को अंतिम सुनवाई करेगी।
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पीठ ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ आयकर विभाग की अपील पर हम सुनवाई करेंगे। हाईकोर्ट के फैसले में नोएडा को यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास कानून के तहत कॉरपोरेशन माना गया है, जिस कारण बैंक इनकी सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) पर स्रोत पर ही आयकर की कटौती नहीं कर सकते। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया था।

पीएनबी और देना बैंक की ओर से पेश वकील पंकज गर्ग और मिलिंद गर्ग ने कहा कि आयकर विभाग की अपील सुनवाई के योग्य नहीं है। यह मुद्दा सबसे पहले 2013 में उठा था, जब आयकर विभाग ने नोएडा की सावधि जमा की आमदनी में स्रोत पर ही कटौती नहीं करने पर कर की जिम्मेदारी बैंकों पर थोप दी थी। 
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उस फैसले के खिलाफ बैंकों ने आयकर आयुक्त के पास अपील की और फैसला उनके हक में आया था। उसके बाद विभाग ने उसके खिलाफ आयकर अपीलीय पंचाट में गुहार लगाई, वहां भी फैसला बैंकों के हक में आया। तब आयकर विभाग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां भी फैसला उसके खिलाफ आया। 
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