सरकार ने 12 करोड़ वैक्सीन लगाने का मुकाम हासिल किया
डॉ. हर्षवर्धन ने लिखा, आपने वैक्सीनेशन पर जोर दिया, इसे हम भी मानते हैं। सरकार ने 12 करोड़ वैक्सीन लगाने का मुकाम हासिल किया है। दरअसल, आपके नेता ही आपकी सलाह नहीं मानते। डॉ. सिंह ने सलाह दी कि वैक्सीनेशन के आंकड़े संख्या में नहीं, बल्कि जनसंख्या के आधार पर प्रतिशत में दें। हर्षवर्धन ने कहा, मुझे लगता है कि आप मेरी तरह यह मानते होंगे कि यह प्रक्रिया हर जगह एक तरीके से मानी जानी चाहिए। आपकी कांग्रेस पार्टी के जूनियर मेंबर्स को यह सलाह माननी चाहिए।
देश के कोरोना के कुल मामले, कितने पॉजिटिव हैं और मारे गए लोगों की संख्या पर बहस नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी के जूनियर मेंबर्स संख्या की बात करते हैं। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही आपकी राय से सहमत नहीं दिखते। भारत ने दो वैक्सीन बनाई, लेकिन कांग्रेस ने इसके लिए वैज्ञानिकों और निर्माताओं के सम्मान के लिए एक शब्द नहीं कहा। वैक्सीन के प्रभाव को लेकर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। इससे लाखों जिंदगियों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। आपने 18 अप्रैल को अपने पत्र में कहा कि विदेशों से वह वैक्सीन आयात की जाए, जिसे विश्वसनीय प्राधिकरण से मंज़ूरी मिली हो। इस बाबत केंद्र सरकार 11 अप्रैल को ही निर्णय ले चुकी है।
डॉ. सिंह ने 'आपदा की पीड़ा' से की पत्र की शुरुआत
पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने पत्र में लिखा था कि एक वर्ष से भी अधिक समय से समस्त विश्व और भारत कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। बहुत से माता-पिता ने अलग-अलग शहरों में रह रहे अपने बच्चों को एक साल से नहीं देखा है। दादा-दादी ने अपने पोते-पोतियों को नहीं देखा है। अध्यापकों ने कक्षा में बच्चों को नहीं देखा है। इस दौरान अनेक लोगों ने अपनी आजीविका के साधन खो दिए और लाखों लोगों को गरीबी में धकेल दिया गया। इस महामारी की दूसरी लहर, जो आज हम देख रहे हैं, उसके पश्चात लोग आश्चर्यचकित हैं कि उनका जीवन कब सामान्य होगा। इसके बाद उन्होंने वैक्सीन अभियान को लेकर पीएम मोदी को पांच सुझाव दे दिए। उनसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी कोरोना संक्रमण और वैक्सीन को लेकर ट्वीटर के जरिए पीएम मोदी से सवाल पूछ चुके थे।
क्या राहुल-प्रियंका के इन सवालों ने दी थी 'चुभन'
राहुल गांधी ने 15 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव के बीच टीका उत्सव एक ढोंग है। अपने ट्वीट में लिखा, न टेस्ट, न अस्पताल में बेड, न वेंटिलेटर, न ऑक्सीजन, टीका भी नहीं है, बस एक उत्सव का ढोंग है, पीएम केयर्स? इससे पहले पीएम मोदी को आठ अप्रैल को पत्र लिखकर राहुल ने आग्रह किया था कि कोरोना वायरस के टीके की खरीद एवं वितरण में राज्यों की भूमिका बढ़ाई जाए। टीके के आपूर्तिकर्ताओं को जरूरी संसाधन मुहैया कराए जाएं ताकि टीके तैयार करने की क्षमता में इजाफा हो सके। उन्होंने दावा किया कि अगर मौजूदा गति से टीकाकरण चलता रहा तो देश की 75 फीसदी आबादी को टीका लगाने में कई साल लग जाएंगे। टीकाकरण के लिए तय राशि 35000 करोड़ रुपये में बढ़ोतरी की जाए।
जब प्रियंका ने मोदी को बताया ऐसा पायलट...
प्रियंका गांधी ने कहा, हैरान करने वाली बात है कि जब भारत में कोविड का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में 70 साल की सरकार की मेहनत पर पानी फेरते हुए देश वैक्सीन का निर्यातक से आयातक बन गया है। नरेंद्र मोदी ऐसे पायलट हैं, जिन्होंने बोर्डिंग पास पर अपनी फोटो बस इसलिए लगवाई ताकि इमरजेंसी की स्थिति में आसानी से बाहर निकल सकें। कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में जो प्रस्ताव पास हुए, उनमें मोदी सरकार पर गंभीर गलतियां करने एवं विशाल कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया था कि बयानबाजी से बचने में विफलता (प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि महाभारत के युद्ध की तुलना में, जो 18 दिनों में जीता गया था, हम कोविड के खिलाफ युद्ध 21 दिनों में जीतेंगे) और आत्म स्तुति गान (मंत्रियों के द्वारा दावा किया गया कि सारा विश्व प्रधानमंत्री के महामारी से निपटने के तरीकों की प्रशंसा कर रहा है।) अब सभी ने देख लिया है।