दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण अब भी कम नहीं हुआ है। दक्षिण कोरिया और चीन समेत 15 एशियाई देशों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई देशों में सख्त लॉकडाउन का लगाया जा रहा है तो कुछ देशों में संक्रमण के कारण मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बार-बार सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस की चौथी लहर दस्तक दे सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चौथी लहर की आशंका बहुत कम है। क्योंकि इस रोकने के लिए लोगों में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता तैयार हो गई है जो इंसान के शरीर में संक्रमित होने के बाद बाद पैदा होती है। जबकि भारत में वैक्सीनेशन तेजी से किया जा रहा है। अब तक भारत में 18 साल से ज्यादा आबादी की 95 फीसदी आबादी को टीके की दोनों खुराक लग चुकी है। जिससे भारत में चौथी लहर का खतरा बेहद कम है।
देश में कोरोना की चौथी लहर की आशंका को लेकर अमर उजाला ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डॉ. जुगल किशोर से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में फिलहाल चौथी लहर की आशंका नहीं हैं। क्योकि देश में लोगों अधिकांश लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी विकसित हो गई है। जो इंसान के शरीर में संक्रमित होने के बाद पैदा होती है। सीरो सर्वे कहते हैं कि देश की 90 फीसदी आबादी संक्रमित हो चुकी है। यानी उनमें एंटीबॉडी है। संक्रमित होने के बाद 6 से 12 महीने तक दोबारा संक्रमण की आशंका बेहद कम रहती है। दूसरा अहम कारण वैक्सीनेशन। भारत में 18 साल से ज्यादा की 95 फीसदी आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुकी हैं। इसलिए हमें खतरा कम है। हालांकि सभी कोविड प्रोटोकॉल अभी नहीं छोड़ने चाहिए। केस कम होते देख मास्क हटाने की गलती हम पर भारी पड़ सकती है।
भारत के लिए क्या चौथी लहर चिंता की बात नहीं है, इस सवाल पर किशोर बताते हैं कि फिलहाल यह समझना बेहद जरूरी है कि अभी कोरोना पूरी तरह से गया है। सिर्फ उसका प्रचार सीमित हो गया है। दुनिया के किसी भी कोने में वायरस होता है तो पूरी दुनिया के लिए खतरा बना रहता है। क्योंकि, वायरस लगातार म्यूटेट होता है। म्यूटेशन हमेशा मरीज के शरीर में होता है। जब तक वायरस को संक्रमित करने के लिए नए शरीर मिलते रहेंगे, म्यूटेशन का खतरा बना रहेगा। लेकिन, भारत में इसकी आशंका भी अभी कम है।
नए स्ट्रेन बीए.2 से कोरोना फैल रहा है। क्या इसका असर भारत पर होगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया, चीन, हांगकांग आदि में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसकी वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट है, जो भारत में संक्रमण की तीसरी लहर ला चुका है। ओमिक्रॉन ने करीब-करीब सभी लोगों को अपना शिकार बनाया। तीसरी लहर के दौरान बीए.2 मिलता रहा है, इसलिए इसकी वजह से भारत में चौथी लहर नहीं आ सकती। गौर करने वाली बात यह है कि चीन और दक्षिण कोरिया में अभी तक ज्यादातर आबादी को कोविड नहीं हुआ था। जबकि, भारत में हो चुका है। इसलिए वहां मरीज बढ़ रहे हैं, यहां नहीं।