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द कश्मीर फाइल्स पर हंगामा: क्या ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ के जाल में केजरीवाल को फंसाने की कोशिश कर रही है भाजपा?

अमित शर्मा
Updated Wed, 30 Mar 2022 04:35 PM IST

सार

अब आम आदमी पार्टी की नजरें गुजरात और हिमाचल प्रदेश पर हैं, जहां उसका मुकाबला सीधे भाजपा से होना तय है। पार्टी हरियाणा और राजस्थान में भी अपने पांव फैलाने की कोशिश कर रही है। यदि आम आदमी पार्टी की राजनीति सफल रही तो आने वाले समय में वह भाजपा के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकती है...
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दिल्ली मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन करते भाजयुमो कार्यकर्ता - फोटो : Amar Ujala


दरअसल, केंद्र में कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका में लगातार कमजोर हुई है। कांग्रेस की इस कमजोरी के बीच जिन दलों को विपक्ष की भूमिका में उभरता हुआ देखा जा रहा है, उनमें आम आदमी पार्टी प्रमुख है। अरविंद केजरीवाल को इस भूमिका में मजबूती से देखे जाने के पीछे यह वजह भी रही है कि उसने दिल्ली में लगातार भाजपा को परेशान कर रखा है। भाजपा अपनी पूरी ताकत लगाने के बाद भी केजरीवाल को कमजोर नहीं कर पाई है, जबकि इसी बीच अरविंद केजरीवाल ने पंजाब जैसे बेहद महत्त्वपूर्ण राज्य में सत्ता पाने में कामयाबी पाई है।


अब आम आदमी पार्टी की नजरें गुजरात और हिमाचल प्रदेश पर हैं, जहां उसका मुकाबला सीधे भाजपा से होना तय है। पार्टी हरियाणा और राजस्थान में भी अपने पांव फैलाने की कोशिश कर रही है। यदि आम आदमी पार्टी की राजनीति सफल रही तो आने वाले समय में वह भाजपा के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकती है। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा अरविंद केजरीवाल को खालिस्तान और मुस्लिम तुष्टीकरण के जाल में फंसाने की कोशिश कर रही है जिससे उनकी राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा पर लगाम लगाई जा सके।


हालांकि, भाजपा ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति स्वयं उन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है और किसी दूसरे को उन पर कोई आरोप लगाने की आवश्यकता नहीं है।   

अब तक नहीं लगे आरोप

राजनीतिक विश्लेषक धीरेंद्र कुमार का मानना है कि अरविंद केजरीवाल बेहद शातिर राजनीतिज्ञ हैं। उन पर इस तरह के आरोप चस्पा करना आसान नहीं है। उन्होंने शुरुआती दौर में अयोध्या फैसले पर सवाल अवश्य खड़ा किया था, लेकिन जैसे ही उन्हें यह अहसास हुआ कि यह कदम उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है, उन्होंने अपना स्टैंड बदल लिया। अब उनके नेता कभी हनुमान चालीसा का पाठ करते देखे जाते हैं तो कभी दिल्ली सरकार हिंदुओं को अयोध्या की यात्रा कराने लगती है।



दिल्ली सरकार का राजधानी में 500 तिरंगा झंडा लगाने और स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला केजरीवाल पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगने नहीं देता है। शायद यही कारण है कि भाजपा अब तक उन्हें इस जाल में फंसाने में कामयाब नहीं हो पाई है, जबकि कांग्रेस और राहुल गांधी भाजपा के इसी जाल में फंस गए और वे अब तक इस पर सफाई देते नजर आ जाते हैं।  

कैसे हुई शुरुआत?

इस समय दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया सोमवार को विधानसभा में बजट पर बहस में हिस्सा लेने पहुंचे थे। लेकिन विपक्षी दल भाजपा ने कश्मीर फाइल्स फिल्म को दिल्ली में टैक्स फ्री कराने पर चर्चा करने की मांग की। टकराव बढ़ने के बाद भाजपा की इस मांग को अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि कश्मीरी पंडितों के संवेदनशील विषय पर अपनी बात रखते हुए अरविंद केजरीवाल ठहाके मारकर उनका उपहास उडा रहे थे। विपक्ष ने केजरीवाल से इस पर माफी की मांग भी की।

भाजपा बोली, कश्मीरी पंडितों का उपहास उड़ाया केजरीवाल ने

अब इस मुद्दे पर भाजपा और आम आदमी पार्टी में ठन गई है। भाजपा केजरीवाल पर कश्मीरी पंडितों की भावनाओं का उपहास उड़ाने का आरोप लगा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भाजपा केवल कश्मीरी फिल्म पर बहस कराकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद केंद्र में सात साल अटल बिहारी वाजपेयी और आठ साल नरेंद्र मोदी की सरकार रह चुकी है, लेकिन अब तक उसने पंडितों को वापस घाटी में बसाने के लिए कोई काम नहीं किया।


आप नेता सौरभ भारद्वाज और आतिशी मार्लेना ने आरोप लगाया है कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने कश्मीरी शिक्षकों को स्थाई करने के दिल्ली सरकार के फैसले को भी रोक दिया, जिससे उनको लाभ नहीं पहुंचाया जा सका।


दिल्ली भाजपा ने आरोप लगाया है कि पहले तो अरविंद केजरीवाल ने कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म को झूठा करार देकर पंडितों की भावनाओं का मजाक उड़ाया, इस गंभीर मुद्दे पर बहस के दौरान हंसकर पंडितों के घाव पर नमक छिड़कने की कोशिश की गई, लेकिन जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ तो अब कश्मीरी शिक्षकों को स्थाई करने का झूठ फैलाकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने सवाल किया है कि केंद्र पर हमेशा विभिन्न आरोप लगाकर सड़कों पर उतरने वाली आम आदमी पार्टी अब तक इस मुद्दे पर खामोश क्यों थी? यह साबित करता है कि इस तरह का मुद्दा कभी रहा ही नहीं और अब झूठ के सहारे अपनी गलती को ढकने की कोशिश कर रही है।

भाजपा ने आरोप को हास्यास्पद बताया

भाजपा मीडिया इंचार्ज नवीन कुमार ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को मुस्लिम तुष्टीकरण के जाल में फंसाने का आरोप हास्यास्पद है। जनता अपनी खुली आंखों से देख रही है कि वे किस प्रकार की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी आम आदमी पार्टी के नेता ताहिर हुसैन ने दिल्ली दंगों की साजिश रची, उस पर आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को घेरकर मार डालने के आरोप हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी ने उसे आज तक अपनी पार्टी से नहीं निकाला है। भाजपा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली दंगों के आरोपी को बचाने का प्रयास करती रही।

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नवीन कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार मुस्लिम धर्मगुरुओं को मासिक वेतन दे रही है, जबकि हिंदू, सिख, इसाई, जैन और बौद्ध किसी भी धर्मगुरु को कोई मासिक वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसी से साबित होता है कि वे किसकी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति हमेशा से मुस्लिम तुष्टीकरण पर आधारित रही है और जनता उन्हें इसका उचित जवाब देगी।

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