अध्ययन में कहा गया है कि गुस्सा, चिंता और उदासी समेत नकारात्मक भावनाओं से दिल के रोग का जोखिम बढ़ सकता है। निष्कर्ष में पता चला कि क्रोध, उदासी या चिंता रक्त वाहिकाओं को फैलाने या खोलने की क्षमता को कम करता है।
यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जो बार-बार गुस्सा करते है, तो आप अपनी रक्त वाहिकाओं को खराब कर रहे हैं। महज आठ मिनट का गुस्सा 40 मिनट तक आपकी नसों को प्रभावित करता है। यह शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाओं को फैलने से रोकता है।
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कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने शोध में 280 वयस्कों को शामिल किया। इन्हें आठ मिनट के लिए गुस्से या फिर उदासी वाली घटनाओं को याद करने के लिए कहा गया। अध्ययन में कहा गया है कि गुस्सा, चिंता और उदासी समेत नकारात्मक भावनाओं से दिल के रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
निष्कर्ष में पता चला कि क्रोध, उदासी या चिंता नहीं, प्रतिभागियों की रक्त वाहिकाओं को फैलाने या खोलने की क्षमता को कम करता है। जर्नल ऑफ अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में छपे शोध के मुताबिक, शोधकर्ताओं का कहना है कि लोगों में रोजाना गुस्सा, चिंता और उदासी जैसी नकारात्मक भावनाएं महसूस होना आम बात है।
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इसका प्रभाव केवल 40 मिनट तक रहता है, लेकिन यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो आसानी से और बार-बार गुस्सा करते हैं, तो आप अपनी धमनियों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। अमेरिका के वाशिंगटन स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी के इरविंग मेडिकल सेंटर में मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. दाइची शिम्बो ने कहा कि हमने देखा कि गुस्से की स्थिति पैदा करने से रक्त वाहिका में शिथिलता आ गई। अध्ययन से पता चला है कि मानसिक स्वास्थ्य किसी व्यक्ति के हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम कारकों को प्रभावित कर सकता है।