असम के गोलपाड़ा जिले के एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका को दोपहर के भोजन के रूप में पका गोमांस स्कूल लाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया, प्रधानाध्यापिका कथित तौर पर गुणोत्सव 2022 के आयोजन के दौरान पका हुआ गोमांस लेकर स्कूल आई थीं। स्कूलों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए यह आयोजन होता है।
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मृणाल डेका ने कहा, लखीपुर क्षेत्र के हुरकाचुंगी माध्यमिक इंग्लिश स्कूल की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने प्रधानाध्यापिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। डेका ने कहा, प्रधानाध्यापिका को 16 मई को पुलिस थाने लाया गया। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। अदालत ने अगले दिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। असम में गोमांस का सेवन अवैध नहीं है, लेकिन असम मवेशी संरक्षण अधिनियम, 2021 के मुताबिक उन क्षेत्रों में मवेशियों के वध और गोमांस की बिक्री प्रतिबंधित है, जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्यक रहते हैं।
उग्रवादी हमले की चेतावनी
वहीं, असम पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा (आई) ऑयल इंडिया और ओएनजीसी के प्रतिष्ठानों पर हमला कर सकता है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के ऊर्जा प्रतिष्ठानों ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। सीआईएसएफ और एआईएसएफ के साथ बैठक कर दोनों कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए क्या करना है और क्या नहीं करना है, को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों प्रतिष्ठानों को टेलीफोन पर उग्रवादी हमले और कर्मचारियों के अपहरण की आशंका के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि मानसून के मद्देनजर यह एक सामान्य चेतावनी है, क्योंकि कई जगहों से इस दौरान संपर्क कट जाता है।