कर्नाटक में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी है। इस घटना का वीडियो खुद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। दरअसल, एक दंपती अपने बीमार बच्चे को अस्पताल ले जा रहे थे, परंतु उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। ऐसे में पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया और जुर्माना भरे बगैर नहीं दिया। जबकि उनके पास पैसे भी नहीं थे।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस घटना को लेकर पुलिस विभाग पर अपना गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को लेकर सिलसिलेवार ढंग से वीडियो और तस्वीरें ट्वीट की हैं। कुमारस्वामी ने अपने ट्वीट में कहा कि यह घटना मांड्या जिले की है।
यहां रहने वाले माता-पिता अपने बीमार बच्चे को बाइक पर अस्पताल ले जा रहे थे। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, इस पर पुलिस ने उन्हें रोका और परेशान किया। कुमारस्वामी ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि राज्य में मानवता के उपहास की ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।
एचडी कुमारस्वामी ने अपने ट्वीट में कर्नाटक भाजपा को टैग करते हुए लिखा कि यह निंदनीय है कि पुलिस ने मांड्या में अपने बच्चे के साथ अस्पताल जा रहे एक जोड़े को रोका और परेशान किया। यह चौंकाने वाला है कि राज्य में बार-बार मानवता का मजाक उड़ाने वाली ऐसी घटनाएं हो रही हैं। यह घटना इस बात का सबूत है कि सरकार ने पुलिस तंत्र को बर्बाद कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे उन माता-पिता की वीडियो क्लिप देखकर बहुत दुख हुआ। जो अपने बच्चे को बाइक पर अस्पताल ले जा रहे थे और पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा था, क्योंकि उनके पास हेलमेट नहीं था। यह अक्षम्य और घृणित है कि पुलिस ने इस तरह का व्यवहार किया। एक दंपती जो अपने बच्चे की बीमारी को लेकर चिंतित थे।
दम्मैया, वो विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हुए कह रहे थे, हमारे पास पैसे नहीं हैं, कृपया छोड़ दें, लेकिन पुलिस ने कोई दया नहीं दिखाई। कुमारस्वामी ने कहा कि यह पुलिस का क्रूर व्यवहार है, पैसे के लिए उन्हें प्रताड़ित करने पर विभाग को शर्मसार होना चाहिए।
कुमारस्वामी ने कहा कि दंपती का बिना पैसे के बीच सड़क पर घूमना और एक मां का अपने बीमार बच्चे को लेकर ऐसे असहाय बैठे रहने का दर्द राज्य की भाजपा सरकार के कुशासन का आईना है। इस घटना ने सरकार का एक और स्याह पक्ष सामने ला दिया है, जहां मानवीयता मर चुकी है।
घटना के दौरान आखिरकार बच्चे के पिता ने अपने दोस्त से पैसे लेकर जुर्माना भर दिया, तब पुलिस ने उनकी बाइक दे दी। इसके बजाय पुलिस जुर्माना रसीद दे सकती थी और फिर बाद में जुर्माना अदा करा सकती थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ऐसा नहीं किया और सजा के नाम पर हिंसा का इस्तेमाल किया।
राज्य सरकार को ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही इन्हें समझाइश देनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को इसे लेकर और अधिक सावधान रहना चाहिए। साथ ही गृह मंत्री को न केवल लोगों को जवाब देना चाहिए, बल्कि दुखी दंपती को दिलासा भी देनी चाहिए। एचडी कुमारस्वामी ने मांग की कि राज्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए और पुलिस व्यवस्था को लोगों के अनुकूल बनाने के लिए तत्काल सभी उपाय किए जाएं।