सड़क टनल प्रोजेक्ट पर दायर PIL हाईकोर्ट ने खारिज की
वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई-ठाणे रोड टनल प्रोजेक्ट के ठेके में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि, ये याचिका पत्रकार वी. रवि प्रकाश ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मेघा इंजीनियरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) ने इस परियोजना के लिए फर्जी बैंक गारंटी जमा की थी, जिसे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने स्वीकार कर लिया। इस याचिका में एमईआईएल को दिया गया 16,600 करोड़ रुपये का ठेका रद्द करने और सीबीआई जांच कराने की मांग की गई थी।
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हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
मामले में मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति भारती डांगे की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका दायर करने वाले को साफ नीयत, साफ दिल और सही उद्देश्य के साथ आना चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता खुद इस कंपनी के खिलाफ कानूनी मामले में शामिल थे, लेकिन उन्होंने इस तथ्य को छिपाया। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया पर अदालत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जो न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने वाली थी। मामले में अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और गलत मंशा से यह याचिका दायर की थी।
क्या है टनल प्रोजेक्ट?
यह बोरीवली (मुंबई) से ठाणे तक बनने वाली ट्विन-ट्यूब रोड टनल परियोजना है। इस परियोजना का मूल्य 16,600.40 करोड़ रुपये है। इसे एमईआईएल कंपनी को सौंपा गया है, लेकिन याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस ठेके में गड़बड़ी हुई है।