तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मदुरै में जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास के लिए जनता से समर्थन मांगा। उन्होंने डीएमके और सेक्युलर प्रोग्रेसिव गठबंधन को वोट देने की अपील की और कहा कि इससे तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। स्टालिन ने नई शिक्षा नीति के तीन-भाषा फॉर्मूले का विरोध करते हुए कहा कि इसे राज्य में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी माहौल तेजी से गर्म होता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मदुरै में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास के लिए जनता से समर्थन मांगा और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। मदुरै में रैली के दौरान स्टालिन ने भावुक अंदाज में कहा कि वह उस धरती से आए हैं जहां कन्नगी ने न्याय की मांग की थी, और अब वह तमिलनाडु के भविष्य के लिए जनता का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे डीएमके और उसके सेक्युलर प्रोग्रेसिव गठबंधन को वोट दें ताकि राज्य विकास के नए मुकाम हासिल कर सके और देश में सिर ऊंचा रख सके।
नई शिक्षा नीति के तीन-भाषा फॉर्मूले का किया विरोध
मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तीन-भाषा फॉर्मूले का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक डीएमके सत्ता में है, तब तक तमिलनाडु में तीन-भाषा नीति लागू नहीं होने दी जाएगी। स्टालिन का यह बयान राज्य की क्षेत्रीय पहचान और भाषा को लेकर उनकी पार्टी के रुख को मजबूत तरीके से दर्शाता है।
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राज्य में लगातार दिलचस्प हो रहा है चुनावी मुकाबला
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी स्टालिन काफी आत्मविश्वास में नजर आए। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी सभी 234 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। इस बार राज्य में मुख्य मुकाबला डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव गठबंधन और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच माना जा रहा है। हालांकि, अभिनेता से नेता बने विजय भी इस चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
तमिलनाडु का चुनावी रण
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर बहुमत के 118 सीटों की जरूरत होती है। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए 30 मार्च को अधिसूचना जारी हो चुकी है, जबकि नामांकन की आखिरी तारीख 6 अप्रैल को थी। वहीं नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल तक की जाएगी और नाम वापसी की आखिरी तारीख 9 अप्रैल है। राज्य में मतदान 23 अप्रैल को होगी और नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे।