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अयोध्या मामले के मुस्लिम पक्षकार हाशिम अंसारी का निधन

Wed, 20 Jul 2016 08:27 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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हाशिम अंसारी का निधन - फोटो : ani
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बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी का निधन हो गया है। वे 96 वर्ष के थे और कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में उन्होंने आखिरी सांस ली।
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हाशिम अंसारी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बढ़ती उम्र से भी वह परेशान थे। देर रात उन्होंने आखिरी सांस ली।

वह लंबे समय से बाबरी मस्जिद के लिए मुस्लिम पक्ष की पैरवी कर रहे थे। इस मुद्दे पर उन्होंने कोर्ट के साथ-साथ कोर्ट से बाहर जाकर भी धर्मगुरूओं से मिले और मामले को सुलझाने की कोशिश की।

96 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

- फोटो : ani
हाशिम अंसारी अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे। उन्होंने कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया तो कभी समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को घेरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर हाशिम अंसारी के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कभी वह प्रधानमंत्री मोदी की तरीफ करते नजर आते तो कई बार उन्होंने प्रधानमंत्री की आलोचना भी की।

मो. हाशिम अंसारी ने हाल ही में कहा था कि केंद्र सरकार अगर राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद का हल चाहती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार अयोध्या आकर बात जरूर करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि उनका स्वास्थ्य ऐसा नहीं है कि वह कहीं जा पाने में सक्षम हों। वह भारत के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें देश के इस बड़े मसले का हल अयोध्या आकर जरूर निकालना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पर टिप्पणी करते हुए हाशिम अंसारी ने कहा था कि मैं अयोध्या में रहकर हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करता हूं। यह किसी भी किस्म के फायदे के लिए नहीं है तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव अयोध्या क्यों नहीं आ सकते?
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लंबे समय से बीमार थे हाशिम अंसारी

हाशिम अंसारी ने आजम खां पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी बनी थी तो आजम खां कन्वीनर थे और इसी वजह से मुलायम सिंह यादव ने उन्हें समाजवादी पार्टी में शामिल कर लिया। पार्टी का सारा फायदा आजम खां उठाएं और आम मुसलमान कुछ नहीं। पूरे यूपी का मुसलमान आजम को अपना लीडर मानने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव करीब है। पार्टियां तरह-तरह के बयान दे रहीं हैं। बाबरी मस्जिद व राम जन्मभूमि विवाद पर लोग तरह-तरह की टिप्पणी करते हैं। जबकि यह मसला गहरा समंदर है, दरिया के मुसाफिर इसमें गोता नहीं लगा सकते। हमने कई बार कहा है कि इस मसले पर बात कोर्ट में ही हो सकती है न कि चौराहे पर।

इस बीच खबर आ रही है कि हाशिम अंसारी के निधन के बाद अब अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष की पैरवी उनके बेटे करेंगे। ये फैसला हाशिम अंसारी ने काफी पहले ही कर दिया था।
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