देश के 27 राज्यों के 160 जिलों में एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं है। अब 20 राज्यों के सांसदों ने 170 केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इन सभी स्थानों पर केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए केंद्र सरकार अब राज्य सरकारों से बात करेगी। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखी गई है। वहीं हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर समेत हिमाचल प्रदेश में भी केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास देश के 20 राज्यों के सांसदों ने 170 जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग संबंधी प्रस्ताव भेजा है। अधिकारियों के मुताबिक सबसे अधिक 24 केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग उत्तर प्रदेश के सांसदों ने की है। यूपी के 20 जिलों में एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं हैं। यूपी ने लखीमपुर खीरी, अंबेडकर नगर, उन्नाव, हमीरपुर, फतेहपुर, संभल, लखनऊ, कन्नौज, फर्रुखाबाद, बिजनौर, श्रावस्ती, फतेहपुर सिकरी, भदोही, कासगंज, आजमगढ़, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, जौनपुर, फूलपुर (इलाहाबाद), कौशांबी, बांदा, मऊ, बलिया और महाराजगंज में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखी है। हालांकि यूपी के लिए साल 2014 में एक केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत था, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार में तालमेल की कमी के चलते यह नहीं बन सका।
दिल्ली के पांच जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग
वहीं, उत्तराखंड के सांसदों ने ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी, गढ़वाल और देहरादून में पांच केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखी है। हालांकि इनमें से अधिकतर स्थानों में पहले से ही केंद्रीय विद्यालय स्थापित हैं। इसके अलावा पंजाब के रूपनगर जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग है।
वहीं, जम्मू एवं कश्मीर में तीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए रियासी, पूंछ व जम्मू जिलों का नाम प्रस्तावित है। हालांकि इन तीनों जिलों में पहले से ही केंद्रीय विद्यालय स्थापित हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के मंडी और हरियाणा के भिवानी जिले के लिए भी केंद्रीय विद्यालय की मांग रखी गई है।
वैसे स्कूलों की स्थापना के लिए राज्य सरकार ही जमीन उपलब्ध कराती हैं। लिहाजा इस ओर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय जल्द ही राज्य सरकार से संपर्क करने जा रहा है। फिलहाल देशभर में 1,137 केंद्रीय विद्यालय हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पांच जिलों में सांसदों ने केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की है। इसमें पश्चिमी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली समेत दक्षिणी-पश्चिमी दिल्ली शामिल है।